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​”वन्यजीवों के तस्करों के लिए काल बने परिक्षेत्र अधिकारी यशपाल वर्मा: तस्करी के जाल को तोड़ा, एक हफ्ते में दो तस्कर सलाखों के पीछे”

बिलासपुर: वन विभाग की स्टेट फ्लाइंग स्क्वायड और बिलासपुर वन परिक्षेत्र की टीम ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए संरक्षित वन्य प्राणी ‘इंडियन रूफ्ड टर्टल’ (Indian Roofed Turtle) की तस्करी कर रहे एक तस्कर को धर दबोचा है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत की गई इस कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप मच गया है।

ऐसे बिछाया जाल, रंगे हाथों पकड़ा आरोपी

​विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि बिलासपुर क्षेत्र में संरक्षित कछुओं की अवैध खरीद-फरोख्त की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, स्टेट फ्लाइंग स्क्वायड और वन परिक्षेत्र बिलासपुर की टीम ने एक विशेष रणनीति बनाई। टीम के सदस्य ने खुद को खरीदार बनाकर आरोपी से संपर्क किया। जैसे ही तस्कर ने कछुए की डिलीवरी दी, टीम ने तुरंत घेराबंदी कर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

​आरोपी के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल, विभाग इस तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लिंकों की गहन जांच कर रहा है।

सप्ताह भर में दूसरी बड़ी सफलता

​वन विभाग की यह सक्रियता तस्करी रोकने के उनके संकल्प को दर्शाती है। मुख्य वन संरक्षक श्री मनोज पांडे और वन मंडल अधिकारी श्री नीरज के कुशल मार्गदर्शन तथा उपवनमंडल अधिकारी टी.आर. मरई और वन परिक्षेत्र अधिकारी यशपाल वर्मा के नेतृत्व में वन विभाग ने एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले, टीम ने संरक्षित अलेक्जेंड्राइन पैराकीट (Alexander Parakeet) की तस्करी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसे भी न्यायिक रिमांड पर भेजा था।

कार्यवाही में इनकी रही सराहनीय भूमिका

​इस सफल ऑपरेशन में वन परिक्षेत्र अधिकारी यशपाल वर्मा, परिक्षेत्र सहायक मुकेश साहू, लोकमणि त्रिपाठी और परिसर रक्षक कलेश पाल व मानिकपुरी के साथ स्टेट फ्लाइंग स्क्वायड की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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Bilaspur Bulletin

Editor in chief
Kamal kumar gupta
BJMC ,MJMC, ph,D (per)

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