नई दिल्ली | ( मनोज वर्मा )
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत देश की तस्वीर बदल रहे रेलवे स्टेशनों की श्रृंखला में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ दिया है। 17 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा 75 पुनर्विकसित स्टेशनों के लोकार्पण के साथ ही भारतीय रेलवे अब ‘सुविधा, सुरक्षा और संस्कृति’ के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। 1,570 करोड़ रुपये के निवेश से हुआ यह बदलाव यात्रियों के यात्रा अनुभव को पूरी तरह से बदलने के लिए तैयार है।
सुविधाओं का ‘मेगा हब’
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इन 75 स्टेशनों को केवल मरम्मत नहीं, बल्कि एक संपूर्ण कायाकल्प दिया गया है। इन आधुनिक ट्रांजिट हब में अब निम्नलिखित विशेष सुविधाएं मौजूद हैं:
- यात्री-केंद्रित डिज़ाइन: चौड़े फुट-ओवर-ब्रिज, विशाल एयर कॉनकोर्स और आधुनिक वेटिंग हॉल।
- समावेशी पहुंच: दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट, रैंप और टैक्टाइल पाथ की सुविधा, ताकि हर यात्री बिना किसी बाधा के यात्रा कर सके।
- डिजिटल और सूचना प्रणाली: अत्याधुनिक साइनेज और रियल-टाइम यात्री-सूचना प्रणाली।
- स्थानीय पहचान: प्रत्येक स्टेशन की वास्तुकला को वहां की क्षेत्रीय विरासत और संस्कृति के अनुरूप तैयार किया गया है, जो यात्रियों को स्थानीय गौरव का अनुभव कराती है।
छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश: क्षेत्रीय विरासत का गौरवशाली प्रदर्शन
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र के इन 6 स्टेशनों का आधुनिकीकरण न केवल तकनीकी है, बल्कि यह क्षेत्र की आत्मा को भी दर्शाता है:
“अमृत भारत स्टेशन अब केवल रेल यात्रियों के आवागमन का साधन नहीं, बल्कि स्थानीय कला, कृषि और वन संपदा को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने का माध्यम बन गए हैं।”
- छत्तीसगढ़: बालोद (कृषि-बुनाई), चांपा (क्षेत्रीय संपर्क), और सरोना (बुनाई परंपरा) ने अपने नए स्वरूप से क्षेत्र की पहचान को मजबूत किया है।
- मध्यप्रदेश: छिंदवाड़ा, नैनपुर जंक्शन और बालाघाट ने अपनी जंगलों की विरासत, रेलवे के गौरवशाली इतिहास और जनजातीय कला को आधुनिक वास्तुकला के साथ खूबसूरती से पिरोया है।
एक निरंतर चलने वाला महा-अभियान
अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेलवे के इतिहास का सबसे बड़ा पुनर्विकास कार्यक्रम है।
- योजना का लक्ष्य: देशभर के 1,340 स्टेशनों का आधुनिकीकरण।
- अब तक की प्रगति: 261 स्टेशन बनकर तैयार।
- निरंतर विकास: मई 2025 में 103 स्टेशनों के समर्पण के बाद, यह दूसरा बड़ा चरण है। शेष स्टेशनों पर युद्धस्तर पर निर्माण कार्य जारी है।


