रायपुर

छत्तीसगढ़ बना उभरते उद्योगों का नया केंद्र: रायपुर में ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का भव्य शुभारंभ

रायपुर ( मनोज वर्मा )

 पारंपरिक औद्योगिक पहचान (कोयला, स्टील, सीमेंट) से आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ अब भविष्य की अर्थव्यवस्था (Future Economy) और हाई-टेक उद्योगों का नया गंतव्य बन रहा है। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन दिवसीय ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन विशेष रूप से उपस्थित रहे।

​निवेशकों के लिए ‘एक्सीलरेटर’ बनी सरकार

​मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केवल नियामक (Regulator) की भूमिका में नहीं है, बल्कि निवेशकों की राह आसान बनाने वाले ‘एक्सीलरेटर’ के रूप में कार्य कर रही है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत सिंगल विंडो सिस्टम और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से निवेशकों के अनावश्यक चक्कर समाप्त किए गए हैं। नीति लागू होने के बाद बड़े निवेश प्रस्तावों पर जमीनी काम (धरातल पर क्रियान्वयन) भी शुरू हो चुका है। प्रदेश में लगभग 1100 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर परियोजना का कार्य प्रारंभ होना और नवा रायपुर को टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जाना इस बदलाव का प्रमाण है।

​प्राकृतिक संपदा, ऊर्जा और बस्तर की नई संभावनाएं

​छत्तीसगढ़ के पास कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे खनिजों के साथ 44% से अधिक वनाच्छादित क्षेत्र की स्वाभाविक ताकत है। इमली, महुआ, चिरौंजी और हर्रा-बहेड़ा जैसी लघु वनोपज का वैज्ञानिक वैल्यू एडिशन कर वनांचल में रोजगार के नए द्वार खोले जा रहे हैं। लगभग 30,000 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता और देश के मध्य में अनुकूल भौगोलिक स्थिति उद्योगों के लिए इसे आदर्श बनाती है। इसके अलावा, बस्तर के जलप्रपात, जनजातीय संस्कृति और होम-स्टे जैसी पहलों के जरिए पर्यटन आधारित आजीविका को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

​एमएसएमई और युवा रोजगार का आधार

​सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। छत्तीसगढ़ के 25 जिलों में 1200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग संगठन से जुड़े हैं। इस तीन दिवसीय मेले में देशभर के 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमी हिस्सा ले रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, ताकि प्रदेश का युवा केवल रोजगार चाहने वाला नहीं बल्कि ‘रोजगार देने वाला’ (Job Giver) बने।

    • ​ विष्णु देव साय (मुख्यमंत्री): “छत्तीसगढ़ अपने सामर्थ्य और नई संभावनाओं के साथ औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उद्यमी आएं, निवेश करें और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें।”
    • ​ अरुण साव (उपमुख्यमंत्री): “मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश उद्योगों की लंबी उड़ान के लिए तैयार है। यह आयोजन नए व्यावसायिक संबंधों और तकनीकी आदान-प्रदान का सेतु है।”
    • ​ लखन लाल देवांगन (उद्योग मंत्री): “निवेश प्रस्ताव अब केवल कागजों पर नहीं, धरातल पर आकार ले रहे हैं। लघु उद्योगों को लगातार सशक्त किया जा रहा है।”
    • ​ प्रकाश चंद्र गुप्त (लघु उद्योग भारती): “संगठन पिछले 32 वर्षों से विकेंद्रीकृत उद्योगों को आधुनिक बाजार और तकनीक से जोड़ने का कार्य कर रहा है।”

​निरीक्षण व संवाद: मुख्यमंत्री ने मेले में पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार से लेकर आधुनिक मशीनरी और आईटी स्टॉलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार  आर. कृष्णा दास, सीएसआईडीसी अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, क्रेडा अध्यक्ष  भूपेंद्र सवन्नी सहित देशभर के उद्यमी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
login
Wtsp
Search
Insta
CONTACT
error: Content is protected !!