Wednesday, August 5, 2026

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय में क्षेत्रीय संरक्षा संगोष्ठी संपन्न: महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने कहा—“सुरक्षित कार्य ही सही कार्य है”

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय बिलासपुर के न्यू ऑडिटोरियम हॉल में आज दिनांक 27 जुलाई 2026 को एक दिवसीय क्षेत्रीय संरक्षा संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। रेलवे में संरक्षित, विश्वसनीय एवं निर्बाध रेल संचालन सुनिश्चित करने और संरक्षा संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस संगोष्ठी में महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी श्री अनूप सतपथी, सभी प्रमुख विभागाध्यक्ष, तीनों रेल मंडलों (बिलासपुर, रायपुर एवं नागपुर) के मंडल रेल प्रबंधक, मुख्यालय व मंडलों के अधिकारी, वरिष्ठ पर्यवेक्षक, सेफ्टी काउंसलर्स और विभिन्न विभागों के सैकड़ों रेल कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

​मुख्य बिंदु एवं महाप्रबंधक का संदेश

​संगोष्ठी का शुभारंभ प्रातः 10:00 बजे हुआ जो सायंकाल 07:00 बजे तक दो तकनीकी सत्रों में चली। इस दौरान महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि रेलवे में संरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर कर्मचारी की कार्य संस्कृति, अनुशासन और सतर्कता से जुड़ी सतत प्रक्रिया है।

“यदि कोई कार्य सुरक्षित ढंग से नहीं किया जा सकता, तो वह कार्य सही ढंग से किया ही नहीं जा सकता।” — श्री तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक

 

​उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं बड़ी तकनीकी विफलताओं से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी चूकों, नियमों की अनदेखी या क्षणिक असावधानी के कारण होती हैं। महाप्रबंधक ने अधिकारियों और पर्यवेक्षकों से कार्यस्थलों पर नियमित सेफ्टी काउंसलिंग, असुरक्षित परिस्थितियों की तत्काल रिपोर्टिंग तथा कर्मचारियों के सतत प्रशिक्षण पर विशेष बल देने का आह्वान किया।

​तकनीकी सत्रों में विभिन्न विभागों की प्रस्तुतियाँ

​संगोष्ठी के दौरान दो प्रमुख तकनीकी सत्रों में विभिन्न विभागों ने अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभव, चुनौतियां और सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियां साझा कीं:

  • इंजीनियरिंग विभाग: गुणवत्तापूर्ण निर्माण, मानक सामग्री के उपयोग, यूएसएफडी परीक्षण द्वारा रेल दोषों की समय पर पहचान, तथा आधुनिक ट्रैक मशीनों के माध्यम से ट्रैक अनुरक्षण पर जोर दिया गया।
  • सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग: प्वाइंट मशीनों के निवारक अनुरक्षण, संरक्षा प्रोटोकॉल के अनुपालन और सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने की जानकारी दी गई।
  • मैकेनिकल विभाग: हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर अलर्ट पर त्वरित कार्रवाई, ट्रेन पार्टिंग की रोकथाम, अग्नि सुरक्षा प्रबंधन और रोलिंग स्टॉक की फिटनेस पर प्रकाश डाला गया।
  • विद्युत विभाग: SPAD की रोकथाम, सहायक लोको पायलट द्वारा आरएस वाल्व के प्रभावी संचालन, ओएचई संरक्षा और ट्रेन व्हिसल के निर्धारित कोड के पालन की महत्ता समझाई गई।
  • परिचालन विभाग: संरक्षित व समयबद्ध रेल संचालन, विभागों के बीच आपसी समन्वय और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई पर विचार रखे गए।

​संगोष्ठी का समापन और संरक्षा संकल्प

​कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी प्रधान विभागाध्यक्षों की उपस्थिति में एक सार्थक पैनल चर्चा आयोजित की गई। संगोष्ठी के अंत में महाप्रबंधक ने सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे हर कार्य निर्धारित नियमों के अनुरूप करेंगे और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में संरक्षा संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।

​उन्होंने महात्मा गांधी के प्रसिद्ध विचार “भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आज हम क्या करते हैं” का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की सुरक्षित कार्य संस्कृति ही कल के सुरक्षित रेल सफर की आधारशिला है।

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Bilaspur Bulletin

Editor in chief
Kamal kumar gupta
BJMC ,MJMC, ph,D (per)

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