रायपुर
कैंसर केवल शारीरिक व्याधि नहीं है, बल्कि यह मरीज और उसके पूरे परिवार के लिए एक आघात है। इस कठिन संघर्ष में दवा के साथ-साथ यह भरोसा सबसे जरूरी है कि मरीज अकेला नहीं है। नवा रायपुर के मेफेयर में बालको मेडिकल सेंटर द्वारा आयोजित चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह बात कही।
’Restoring Balance to Cancer Care’ थीम पर आयोजित इस तीन दिवसीय कॉन्क्लेव में 200 से अधिक राष्ट्रीय और 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ स्त्री रोग व प्रोस्टेट कैंसर समेत आधुनिक उपचार पद्धतियों पर मंथन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती पहचान से प्रभावी इलाज की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार स्क्रीनिंग से लेकर उपचार तक हर स्तर पर प्रयास कर रही है।
आधारभूत संरचना और आर्थिक सुरक्षा का दोहरा संबल
राज्य गठन के समय महज 1 मेडिकल कॉलेज वाले छत्तीसगढ़ में आज शासकीय-निजी मिलाकर 15 कॉलेज हैं और 5 नए संस्थानों पर काम चल रहा है। सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के विस्तार के लिए नवा रायपुर में 100 एकड़ में 5,000 बिस्तरों की विशाल मेडिसिटी आकार ले रही है।
आर्थिक बाधा दूर करने के लिए आयुष्मान भारत योजना से 5 लाख और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से 25 लाख रुपए तक की उपचार सहायता दी जा रही है। वहीं, ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत अब तक 34 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर 40 हजार मरीजों को समय पर उपचार से जोड़ा गया है।

कैंसर का होगा स्टेट डेटाबेस और एचपीवी मिशन
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने घोषणा की कि प्रदेश में कैंसर को नोटिफाई किया जाएगा, जिससे मरीजों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार होगा। साथ ही, सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण को मिशन मोड पर चलाया जा रहा है। बालको द्वारा अब तक 500+ स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं।
उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री ने सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन परियोजना का शुभारंभ किया और नवीनतम जांच तकनीकों के स्टॉलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर बालको की डॉ. भावना सिरोही, डीन डॉ. विवेक चौधरी, ई-कैंसर की डॉ. सुज़ाना स्टेनवे और वाइस एडमिरल आरती सरीन सहित देश-विदेश के विशेषज्ञ मौजूद रहे।



