रायपुर : ( मनोज वर्मा )नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में सोमवार को जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव के साथ राज्य के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसद उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल की पहुंच सुनिश्चित करना, चल रही परियोजनाओं में तेजी लाना और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखना था।
बैठक की मुख्य बातें:
- संसदीय क्षेत्रों की प्रगति पर चर्चा: बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ के सभी सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की वर्तमान स्थिति, प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की और अपने क्षेत्र से जुड़े सुझाव साझा किए।
- नियमित मॉनिटरिंग और समन्वय: केंद्र और राज्य सरकार के आपसी समन्वय से योजनाओं को गति देने तथा कार्यों की नियमित निगरानी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
- जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी: सांसदों से आग्रह किया गया कि वे जिला स्तरीय बैठकों में सक्रिय रूप से भाग लें और योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने में सहयोग करें। साथ ही, ‘जल अर्पण’ कार्यक्रमों के माध्यम से पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं के लोकार्पण और ग्राम पंचायतों को उनके हस्तांतरण को प्रोत्साहित करने की अपील की गई।
प्रमुख रूप से उपस्थित गणमान्य:
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- केंद्रीय एवं राज्य मंत्री: केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और राज्य के पीएचई मंत्री श्री अरुण साव।
- लोकसभा सांसद: श्री चिंतामणि महाराज, श्री राधेश्याम राठिया, श्रीमती कमलेश जांगड़े, श्रीमती ज्योत्सना महंत, श्री संतोष पांडेय, श्री विजय बघेल, श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, श्री महेश कश्यप और श्री भोजराज नाग।
- राज्यसभा सांसद: राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और श्रीमती फूलो देवी नेताम।
- अधिकारीगण: केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के अधिकारी और छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक भी इस दौरान मौजूद रहे।
बैठक के अंत में जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए राज्य एवं जिला प्रशासन के साथ मिलकर आपसी समन्वय मजबूत करने का आह्वान किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ के हर ग्रामीण घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।



