रायपुर : उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर में खेल विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और प्रशिक्षकों को छत्तीसगढ़ में नई खेल संस्कृति विकसित करने और राज्य को एक प्रमुख ‘खेल हब’ के रूप में स्थापित करने के लिए नई सोच व विजन के साथ काम करने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती तनुजा सलाम सहित विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और जिलों के खेल अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की मुख्य बातें और प्रमुख निर्देश:
- प्रतिभाओं की खोज और समन्वय: स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग द्वारा आयोजित होने वाले खेल आयोजनों में खेल अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है, ताकि कम उम्र की प्रतिभाओं को समय रहते खोजा जा सके और उन्हें उचित प्रशिक्षण दिया जा सके।
- हर जिले में खेल संघों का गठन: खेल और खिलाड़ियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने के लिए प्रदेश के हर जिले में सभी खेलों के संघ (Association) बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, शासन का सहयोग प्राप्त करने के लिए इन सभी संघों का पंजीयन अनिवार्य रूप से कराने को कहा गया है।
- खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल: सभी जिलों के खेल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ-साथ उत्कृष्ट संभावनाओं वाले उभरते खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
- बुनियादी ढांचे का समय पर निर्माण: निर्माणाधीन खेल परिसरों, मैदानों और स्टेडियमों के कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता श्री वी.एस. कोरम को निर्देशित किया गया है। साथ ही, अप्रारंभ कार्यों को जल्द शुरू कर हर महीने प्रगति रिपोर्ट उप मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
- स्कूलों में खेल का एक पीरियड अनिवार्य: विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से सभी स्कूलों में प्रतिदिन खेलों का कम से कम एक पीरियड सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, जनपद पंचायतों के जरिए गांवों के सरपंचों और सचिवों को जोड़कर ग्रामीण स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा देने को कहा गया है।
- अंतरराष्ट्रीय मानकों से अपडेट रहें कोच: उप मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई तकनीकों, खेल उपकरणों, नियमों और नियामक संस्थाओं से खुद को पूरी तरह अपडेट रखें।


