रायपुर: छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने और प्रशासनिक कसावट लाने की दिशा में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव के मार्गदर्शन में विभाग ने पिछले दो वर्षों में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने विभाग की दो वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों और भविष्य की दूरदर्शी योजनाओं को साझा किया।
2 साल का कार्यकाल की उपलब्धियां
- रिकॉर्ड पदोन्नति और नियुक्तियाँ: शिक्षा व्यवस्था को गति देने के लिए मंत्री श्री यादव के प्रयासों से विगत दो वर्षों में सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक, शिक्षक और व्याख्याता के पदों पर 7,000 से अधिक पदोन्नतियां की गई हैं। इसके साथ ही ‘टी’ और ‘ई’ संवर्ग में कुल 2,813 प्राचार्य पदों पर पदोन्नति दी गई है।
- पारदर्शी चयन के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT): संविदा पदों पर भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और तेज बनाने के लिए मंत्री श्री यादव के नेतृत्व में राज्य स्तरीय ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) प्रणाली की शुरुआत की गई है, जिससे परिणाम अब मात्र 1 सप्ताह के भीतर घोषित किए जाएंगे।
- CBSE की तर्ज पर नया सत्र: शिक्षा सत्र को राष्ट्रीय स्तर के अनुकूल बनाने के लिए मंत्री जी ने आगामी शैक्षणिक सत्र 01 अप्रैल 2027 (सत्र 2027-28) से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की तर्ज पर प्रारंभ करने का बड़ा निर्णय लिया है।
- तकनीक आधारित मॉनिटरिंग (VSK): स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ (VSK) और मोबाइल ऐप आधारित ऑनलाइन मॉनिटरिंग लागू की गई है, जिसके सफल क्रियान्वयन से बारकोड ट्रैकिंग के माध्यम से शासन के लगभग 40 करोड़ रुपये की भारी बचत हुई है।
- नियद नेल्लानार और जनजातीय शिक्षा पर विशेष फोकस: बस्तर और सरगुजा जैसे दूरदराज व जनजातीय अंचलों में शिक्षा की अलख जगाने के लिए मंत्री श्री यादव के मार्गदर्शन में बंद पड़े विद्यालयों को पुनः खोला गया है तथा स्थानीय बोलियों (जैसे- सादरी, गोंडी, हल्बी) में द्वि-भाषीय पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा दी जा रही है।
मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य संकल्प प्रदेश के प्रत्येक छात्र को गुणवत्तापूर्ण, संस्कारयुक्त और आधुनिक तकनीकी शिक्षा प्रदान करना है, जिसके लिए बुनियादी ढांचे के विकास के साथ अध्यापन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।



