रायपुर: दुनिया के सबसे लंबे 75 दिवसीय बस्तर दशहरा पर्व 2026 को पूरी भव्यता और पारंपरिक गरिमा के साथ आयोजित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में बस्तर सांसद और दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में पर्व के सफल संचालन, वित्तीय प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई।
बलराम मांझी बने नए उपाध्यक्ष
बैठक में बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया गया, जिसमें बहुमत के आधार पर श्री बलराम मांझी को नया उपाध्यक्ष निर्वाचित किया गया। उन्होंने देवसराय और अन्य प्रमुख स्थलों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
यूनेस्को की सूची में शामिल कराने का संकल्प
बस्तर राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव ने बताया कि वर्ष 1423 से चली आ रही यह प्राचीन परंपरा मैसूर और कुल्लू दशहरा से भी पुरानी है। बैठक में इस ऐतिहासिक पर्व को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए साझा प्रयास करने का संकल्प दोहराया गया।
प्रमुख विषय और बजट:
- प्रस्तावित बजट: इस वर्ष के आयोजन के लिए 1.21 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।
- वित्तीय सहायता: सांसद महेश कश्यप ने एनएमडीसी प्रबंधन से सीएसआर मद के तहत प्रतिवर्ष कम से कम डेढ़ करोड़ रुपये की स्थायी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
- मानदेय वृद्धि: राजपरिवार द्वारा मेंबर-मेंबरीन के मासिक मानदेय में वृद्धि करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
- प्रशासनिक तैयारियां: कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने पर्व के दौरान सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन को पूरी तरह सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए हैं।
यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और विश्व की अनूठी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसे पारंपरिक स्वरूप में बनाए रखते हुए भव्य रूप से संपन्न कराया जाएगा।



