बिलासपुर: भारतीय जनता पार्टी द्वारा संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले “समरसता संकल्प अभियान” को लेकर भाजपा जिला ग्रामीण की ओर से एक दिवसीय कार्यशाला एवं कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान 29 जुलाई से 20 फरवरी (संत रविदास जयंती) तक चलने वाले पांच चरणों के कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा कार्यकर्ताओं के समक्ष प्रस्तुत की गई।
सामाजिक समरसता और मानवता के प्रतीक थे संत रविदास: पुन्नूलाल मोहले
मुख्य वक्ता एवं छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री तथा मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के महान प्रतीक थे। उन्होंने अपनी वाणी के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार कर यह संदेश दिया था कि प्रत्येक मनुष्य ईश्वर की संतान है और निर्मल मन से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संत रविदास के इन विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।
विभिन्न चरणों में होंगे विशेष कार्यक्रम
पूर्व मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने कहा कि संत किसी एक जाति के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के मार्गदर्शक होते हैं। समाज में सद्भाव स्थापित करने के लिए भाजपा ने इस अभियान की रूपरेखा तैयार की है, जिसके तहत निम्नलिखित प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे:
- समरसता दीप अभियान
- कलश वंदन
- संत संपर्क
- समरसता यात्रा
- छात्र संपर्क
इन प्रमुख नेताओं की रही विशेष उपस्थिति
- ज्योतिनंद दुबे ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संघर्षों को याद करते हुए उन्हें राष्ट्रीय अखंडता का प्रतीक बताया।
- भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने आगामी तिरंगा यात्रा और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कार्यकर्ताओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की।
- भाजपा जिला ग्रामीण अध्यक्ष मोहित जायसवाल ने सभी आयोजनों को समय-सीमा में सफल बनाने का निर्देश दिया।
- अभियान के जिला संयोजक प्रणव शर्मा समदरिया ने पांचों चरणों के तिथिवार कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, अरुण सिंह चौहान, लवकुश कश्यप, नागेश्वरी साहू, सरोजनी भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहें



