रायगढ़: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के माननीय न्यायाधीश एवं रायगढ़ जिले के पोर्टफोलियो जज श्री जस्टिस सचिन सिंह राजपूत ने 25 और 26 जुलाई 2026 को रायगढ़ जिले के विभिन्न न्यायालयों और जिला जेल का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जेल में बंदियों की सुविधाओं की प्रत्यक्ष रूप से जांच की।
न्यायालयों की कार्यप्रणाली का जायजा (25 जुलाई 2026)
निरीक्षण के पहले दिन, माननीय न्यायाधिपति ने जिला एवं सत्र न्यायालय रायगढ़ के साथ-साथ घरघोड़ा और खरसिया के बाह्य न्यायालयों का दौरा किया।
- अव्यवस्थाओं और अभिलेखों की जांच: उन्होंने न्यायालयों की कार्यप्रणाली, बुनियादी ढांचे, अभिलेखों के रख-रखाव और न्यायिक प्रशासन का बारीकी से अवलोकन किया।
- संवाद और दिशा-निर्देश: इस दौरान उन्होंने न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम पक्षकारों से खुलकर चर्चा की। उन्होंने न्यायिक कार्यों के त्वरित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन तथा न्याय प्रणाली को अधिक जनोन्मुखी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
जिला जेल रायगढ़ का निरीक्षण और भोजन की गुणवत्ता की जांच (26 जुलाई 2026)
दूसरे दिन, माननीय जस्टिस सचिन सिंह राजपूत ने रायगढ़ जिला जेल का औचक निरीक्षण किया।
- मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा: उन्होंने जेल परिसर में बंदियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता, आवास, खान-पान और चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया।
- कैदियों से सीधा संवाद: उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निराकरण के लिए जेल प्रशासन को निर्देशित किया।
- विशेष पहल: निरीक्षण के दौरान पारदर्शिता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए माननीय जस्टिस ने जेल में बंदियों के लिए बनाए गए भोजन को स्वयं खाकर उसकी गुणवत्ता की जांच की।
यह दो दिवसीय दौरा न्यायिक प्रशासन को सुदृढ़ करने, न्याय वितरण प्रणाली को प्रभावी बनाने और बंदियों के विधिक अधिकारों के संरक्षण की दिशा में अत्यंत प्रेरणादायी रहा।


