बिलासपुर — राज्य में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के बेहतर और प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए संभागायुक्त कार्यालय बिलासपुर द्वारा एक दो दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला की शुरुआत की गई है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य संभाग और जिला स्तर पर कुशल ‘मास्टर ट्रेनर’ तैयार करना है, ताकि अधिनियम के प्रावधानों का क्रियान्वयन और अधिक सुचारू रूप से हो सके।
- आयोजन स्थल: संभागायुक्त कार्यालय स्थित चेतना सभाकक्ष, बिलासपुर।
- प्रमुख उद्देश्य: आरटीआई (RTI) अधिनियम, 2005 की धाराओं की जानकारी देना और संभाग स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स का निर्माण करना।
- प्रतिभागी जिले: बिलासपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले कुल 7 जिले — रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) और बिलासपुर।
📋 पहले दिन के मुख्य आकर्षण:
- विशेष प्रशिक्षण: राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स (SMT) द्वारा अधिनियम की प्रमुख धाराओं, मामलों के निराकरण के तरीकों और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी गई।
- व्यावहारिक चर्चा: प्रथम दिवस में आरटीआई अधिनियम से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों और उनके व्यावहारिक पक्षों पर गहन मंथन किया गया।
- अधिकारियों की उपस्थिति: कार्यशाला में विभिन्न विभागों के द्वितीय श्रेणी अधिकारियों के साथ-साथ संभागायुक्त कार्यालय के उपायुक्त (राजस्व), उपायुक्त (विकास) और लेखाधिकारी भी उपस्थित रहे।
🗓️ आगामी कार्यक्रम (दूसरा दिन):
कार्यशाला के दूसरे और अंतिम दिन निम्नलिखित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा:
- प्रतिभागियों के साथ पारस्परिक चर्चा (Interactive Session)।
- व्यावहारिक सत्र और जिला मास्टर ट्रेनर्स द्वारा विशेष प्रस्तुतियां (Presentations)।
इस पहल से बिलासपुर संभाग में सूचना का अधिकार अधिनियम का क्रियान्वयन और अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं एकरूप बनेगा।


