बिलासपुर( मनोज वर्मा ) : छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के सख्त निर्देशों (PIL-93/2023) के बाद बिलासपुर के सिम्स (CIMS) चिकित्सालय को यातायात के दबाव और जाम से मुक्ति दिलाने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसे लेकर हाल ही में यातायात पुलिस, नगर निगम और सिम्स प्रबंधन के शीर्ष अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय संयुक्त बैठक हुई, जिसमें शहर के इस सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके को पूरी तरह सुव्यवस्थित बनाने का खाका तैयार किया गया है।
इन बड़ी समस्याओं से मिलेगी राहत
अस्पताल के आसपास रिवर व्यू रोड से सदर बाजार जाने वाले मुख्य मार्ग पर बेतरतीब खड़े वाहन, सड़क किनारे लगने वाली ठेले-गुमटियाँ और निजी एम्बुलेंसों की मनमानी पार्किंग लंबे समय से नासूर बनी हुई थी। स्थिति यह थी कि जरा सी लापरवाही से गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं की जान पर बन आती थी, क्योंकि एम्बुलेंस अक्सर जाम में फंस जाती थीं।
अब प्रशासन के इस नए और ठोस एक्शन प्लान से आम जनता और खासकर मरीजों के परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कार्ययोजना के प्रमुख आकर्षण
- निश्चित पार्किंग जोन: अब वाहनों को सड़क पर खड़ा करने के बजाय इसके लिए विधिवत पार्किंग स्थल चिन्हांकित किए जाएंगे।
- एम्बुलेंसों के लिए अलग व्यवस्था: निजी एम्बुलेंसों के लिए एक निश्चित स्थान तय होगा ताकि वे आपातकाल में तुरंत उपलब्ध हो सकें।
- अतिक्रमण पर हंटर: सड़क की पटरियों पर अवैध कब्जा जमाए बैठे ठेले और गुमटियों को व्यवस्थित किया जाएगा।
- सख्त निगरानी और नो-पार्किंग: पूरे क्षेत्र में नो-पार्किंग जोन के बोर्ड लगेंगे और यातायात पुलिस लगातार मॉनिटरिंग करेगी।
अधिकारियों का संकल्प: “मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि”
बैठक में मौजूद सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने दो टूक कहा कि यह सिर्फ ट्रैफिक सुधार का मामला नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर मरीजों की जिंदगी से जुड़ा हुआ है। वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं में एक-एक सेकंड की कीमत होती है, और इस व्यवस्था के लागू होने से एम्बुलेंस के पहिए जाम नहीं रुकेंगे।
याचिका के परिप्रेक्ष्य में प्रशासनिक विभागों (यातायात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे डीएसपी शिवचरण सिंह परिहार और निगम कमिश्नर अंकुर पांडे) का यह आपसी समन्वय यह भरोसा दिलाता है कि जल्द ही सिम्स का यह क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और जाममुक्त नजर आएगा।


