रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ द्वारा स्थापित ‘शबरी वाचनालय’ का औपचारिक उद्घाटन किया। इस वाचनालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य जनजातीय बालिकाओं में अध्ययन, ज्ञानार्जन और पठन-पाठन की संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। इसके निर्माण के लिए राज्यपाल ने अपने स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता प्रदान की है।
मुख्य बिंदु:
- व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र: राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि शबरी वाचनालय जनजातीय बालिकाओं के लिए अध्ययन, चिंतन, आत्मविकास और व्यक्तित्व निर्माण का एक दूरदर्शी केंद्र साबित होगा। यहां पढ़कर बालिकाएं प्रतियोगी परीक्षाओं और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल करेंगी।
- शबरी कन्या आश्रम की भूमिका: राज्यपाल ने शबरी कन्या आश्रम के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह आश्रम वर्षों से बालिकाओं को शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना प्रदान कर रहा है। यहां से प्रशिक्षित बालिकाएं आज शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
- सांस्कृतिक समानताएं: असम और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों की परंपराएं रामायण काल और भगवान श्रीराम से जुड़ी हैं, जो गर्व का विषय है।
- जीवन मूल्यों पर जोर: आधुनिक तकनीक और इंटरनेट के इस युग में जीवन मूल्यों, परिवार के प्रति संवेदनशीलता, संतोष और सकारात्मक सोच को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
- वनवासी विकास समिति के कार्य: अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से संबद्ध इस समिति द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन के क्षेत्र में किए जा रहे सेवा कार्यों की राज्यपाल ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
इस उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ वनवासी विकास समिति के अध्यक्ष श्री उमेश कच्छप, सचिव श्री अनुराग जैन, अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता और शबरी कन्या आश्रम की छात्राएं उपस्थित थीं।


