रायपुर: (मनोज वर्मा )
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नई फसल के स्वागत और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाले पावन पर्व ‘नुआखाई’ के अवसर पर प्रदेशवासियों और विशेषकर अन्नदाता किसानों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- प्रकृति और अन्न का सम्मान: नुआखाई हमारी समृद्ध कृषि संस्कृति और लोक परंपराओं का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का माध्यम है।
- किसान के परिश्रम का उत्सव: खेतों में उपजी नई फसल केवल मेहनत का प्रतिफल नहीं, बल्कि प्रकृति की कृपा और हमारी कृषि प्रधान संस्कृति की समृद्धि का प्रतीक है।
- संस्कृति का अभिन्न हिस्सा: छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी केवल आजीविका नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का गहरा हिस्सा है जो हमारी गौरवशाली परंपराओं से जोड़े रखती है।
- सामाजिक सद्भाव की मजबूती: यह पर्व पारिवारिक एकजुटता, आपसी सद्भाव और आत्मीयता को मजबूत करता है, जिससे लोकसंस्कृति अधिक जीवंत होती है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कामना की है कि छत्तीसगढ़ पर प्रकृति की कृपा सदैव बनी रहे, किसानों के खेत हरी-भरी फसलों से लहलहाएं और प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि का संचार हो।



