रायपुर ( मनोज वर्मा )
राजधानी के तेलीबांधा मरीन ड्राइव पर उस वक्त एक अलग ही और आत्मीय नजारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला अचानक सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही एक साधारण महिला मीरा के पसरे के पास रुक गया। बिना किसी पूर्व औपचारिकता या तामझाम के मुख्यमंत्री सीधे मीरा के पास पहुंचे और उसका हालचाल जाना।
मुख्यमंत्री ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए मीरा से मिट्टी का एक दीया खरीदा। उसके श्रम, स्वाभिमान और स्वावलंबन का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री ने उसे एक हजार रुपए प्रदान किए। मुख्यमंत्री के इस सहज और सरल अंदाज ने वहां मौजूद लोगों का भी दिल जीत लिया।
योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने मीरा से केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में फीडबैक लिया। मीरा ने उत्साह से बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत उसका बैंक खाता खुला है और उसे राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर महीने एक हजार रुपए की राशि नियमित रूप से मिल रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस पर प्रसन्नता जताई और कहा कि शासन की योजनाएं तभी सार्थक होती हैं जब उनका लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेता, कुम्हार और स्थानीय कारीगर ही आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की असली ताकत हैं।



