रायपुर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सुशासन सरकार में समाज के हर वर्ग, विशेषकर दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से एक प्रेरणादायी मामला सामने आया है, जहां प्रशासन की त्वरित पहल से चलने-फिरने में असमर्थ एक दिव्यांग महिला को घर बैठे व्हीलचेयर की सौगात मिली है।
त्वरित सहायता से बदली जीवनशैली
- हितग्राही का विवरण: ग्राम बिजरवार (दौंजरा, जनपद पंचायत गौरेला) की निवासी मैकिन बाई लंबे समय से गंभीर शारीरिक कठिनाइयों का सामना कर रही थीं।
- त्वरित कार्रवाई: मैकिन बाई ने समाज कल्याण विभाग में व्हीलचेयर के लिए आवेदन दिया था। विभाग में तत्काल व्हीलचेयर उपलब्ध न होने पर उनकी परेशानी को समझते हुए उन्हें पहले अस्थायी रूप से वॉकर दिया गया।
- घर पहुंचकर दी गई व्हीलचेयर: सहायक संचालक श्री नितिन कुमार के निर्देशन में विभाग की टीम ने तेजी से प्रक्रिया पूरी कर सीधे हितग्राही के घर पहुंचकर उन्हें व्हीलचेयर सौंपी।
शासन के प्रति बढ़ा विश्वास
व्हीलचेयर मिलने से अब मैकिन बाई अपनी दैनिक गतिविधियों को अधिक सहजता और आत्मविश्वास के साथ पूरा कर सकेंगी। इस संवेदनशील और त्वरित पहल ने न केवल उनकी जिंदगी में सुगमता लौटाई है, बल्कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति उनका विश्वास भी और अधिक मजबूत किया है।
”प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक परिवर्तन लाना है।”



