हैदराबाद: भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता-2026 के अंतर्गत हैदराबाद में आयोजित ‘ब्रिक्स ट्रेड यूनियन फोरम समिट’ में साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने कोल इंडिया लिमिटेड का नेतृत्व किया। इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय समिट में एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास ने कोल इंडिया की जन-केंद्रित नीतियों और नवाचारी एचआर मॉडल को वैश्विक पटल पर प्रस्तुत किया।
मानव संसाधन की सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा
समिट के दौरान “ब्रिक्स+ देशों में सर्वोत्तम प्रथाएं” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में श्री बिरंची दास ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि कोल इंडिया, जो देश के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है, अपने 2.2 लाख से अधिक कर्मचारियों के कल्याण के लिए किस प्रकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और औद्योगिक संबंधों में सुधार के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों पर विस्तृत जानकारी दी।
सीएसआर के माध्यम से सामाजिक बदलाव
श्री दास ने केवल औद्योगिक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों पर भी जोर दिया। उन्होंने एसईसीएल की प्रमुख सीएसआर योजनाओं—”एसईसीएल के सुष्रुत” (स्वास्थ्य पहल) और “एसईसीएल की धड़कन” का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे ये परियोजनाएं कोयलांचल क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में आमूलचूल परिवर्तन ला रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादकता और कर्मचारी हितों के बीच संतुलन बनाना ही कोल इंडिया की कार्यसंस्कृति का मूल मंत्र है।
वैश्विक एजेंडे पर मंथन
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम “रेज़िलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” के अनुरूप आयोजित इस समिट में 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ-साथ श्रम विशेषज्ञ और शिक्षाविद शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान भविष्य के कार्यबल के लिए कौशल विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उत्तरदायी उपयोग और कार्यस्थल पर महिलाओं की भागीदारी जैसे समसामयिक विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
यह सहभागिता न केवल कोल इंडिया की वैश्विक साख को बढ़ाती है, बल्कि भारत के सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा अपनाए जा रहे आधुनिक और मानवीय प्रबंधन दृष्टिकोण को भी विश्व के सामने एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करती है।


