सीपत (बिलासपुर)। बिलासपुर पुलिस ने धान खरीदी में धोखाधड़ी और सरकारी संपत्ति के गबन के खिलाफ एक बड़ी कार्यवाही की है। थाना सीपत पुलिस ने धान मंडी में हुए 420 क्विंटल धान और हजारों बारदानों के गबन मामले में त्वरित एक्शन लेते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, सीपत के शाखा प्रबंधक सूर्यकांत जायसवाल ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि सेवा सहकारी समिति (पंजीयन क्रमांक 26) में धान खरीदी के दौरान भारी अनियमितता की गई है। ऑडिट और जांच में पाया गया कि समिति के जिम्मेदारों ने मिलकर 420.39 क्विंटल धान, 528 नग नए बारदाने और 5045 नग पुराने बारदानों का गबन किया है।
इस शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल विवेचना शुरू की।
गिरफ्तार किए गए आरोपी:
पुलिस ने इस मामले में संलिप्त निम्नलिखित आरोपियों को हिरासत में लिया है:
- ए के वर्मा (40 वर्ष): निवासी , सीपत। (आरोपी से धान खरीदी रजिस्टर जप्त)।
- रमेश साहू (42 वर्ष): निवासी नवागांव मचखंडा। (आरोपी से ऑनलाइन खरीदी में प्रयुक्त कंप्यूटर सेट जप्त)।
- जगन्नाथ कश्यप (56 वर्ष): निवासी नवाडीह माताचौरा, सीपत।
पुलिस की त्वरित कार्यवाही:
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा। विवेचना के दौरान आरोपियों के पास से महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए हैं:
- दस्तावेजों की जब्ती: आरोपी ए के वर्मा के पास से धान खरीदी का मुख्य रजिस्टर बरामद हुआ।
- तकनीकी साक्ष्य: कंप्यूटर ऑपरेटर रमेश साहू से वह कंप्यूटर सेट जप्त किया गया है, जिसका उपयोग ऑनलाइन प्रविष्टि और हेराफेरी के लिए किया जा रहा था।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी:
पकड़े गए तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों और फरार आरोपियों की तलाश भी कर रही है।
“सरकारी संपत्ति और किसानों के हक में सेंध लगाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सीपत पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस गबन के पीछे के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।”

