बिलासपुर। शहर में आम और अन्य फलों को केमिकल से पकाने और सड़े-गले फल बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। आज, 29 मई को जिला बिलासपुर में नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सख्त निर्देशानुसार और कलेक्टर के मार्गदर्शन में चल रहे 3 दिवसीय विशेष अभियान के तीसरे और अंतिम दिन भारी हड़कंप मचा रहा। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने आज ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कुल 22 फल विक्रेता फर्मों की सघन जांच की।
संजय फ्रूट भंडार और मोहित गुप्ता फ्रूट पर गिरी गाज
जांच के दौरान टीम जब बृहस्पति बाजार पहुंची, तो वहां भारी अनियमितता देखने को मिली। बाजार के प्रसिद्ध संजय फ्रूट भंडार से लगभग 20 किलोग्राम सड़े-गले और स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक खराब आम बरामद किए गए। वहीं, मोहित गुप्ता फ्रूट की दुकान से भी 5 किलोग्राम खराब आम जब्त किए गए। प्रशासन ने जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले इन दोनों दुकानदारों के खिलाफ तत्काल एक्शन लेते हुए मौके पर ही कुल 25 किलो खराब आमों को नष्ट करवा दिया।
दुकानदारों को अल्टीमेटम: सुधर जाएं वरना सील होंगी दुकानें
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने संबंधित फल विक्रेताओं को कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त हिदायत दी है। प्रशासन द्वारा साफ तौर पर निर्देशित किया गया है कि:
- साफ-सफाई और पंजीकरण: सभी फल विक्रेता अनिवार्य रूप से अपनी दुकानों में साफ-सफाई रखें और तुरंत अपना खाद्य पंजीयन (Food Registration) कराएं।
- सड़े-गले फलों पर पाबंदी: किसी भी हाल में सड़े, गले या दोयम दर्जे के फलों का विक्रय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- केमिकल से पकाने पर रोक: फलों को पकाने के लिए केवल शासन द्वारा निर्धारित और सुरक्षित वैज्ञानिक नियमों का ही पालन किया जाए।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी जेल
अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सभी व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य होगा। यदि आगे भी इस तरह की लापरवाही या जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ पाया गया, तो केवल फल नष्ट नहीं किए जाएंगे, बल्कि दुकानें सील कर सीधे कानूनी कार्रवाई और एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। प्रशासन के इस 3 दिवसीय अभियान से मिलावटी और खराब फल बेचने वाले कारोबारियों में हड़कंप का माहौल है।

