रायपुर। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बुनकरों, शिल्पकारों और मेधावी विद्यार्थियों को 10.90 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता और पुरस्कार राशि वितरित की।
- ‘कोशल फैब’ ब्रांड का शुभारंभ: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ के नए प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’ (लूम टू लग्जरी) के लोगो और कैटलॉग का विमोचन किया, जिससे राज्य के कोसा और पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी। साथ ही उन्होंने हथकरघा इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का भी शुभारंभ किया।
- बुनकरों का उत्साहवर्धन: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बुनकरों और शिल्पकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 1.20 लाख परिवार हथकरघा गतिविधियों से जुड़े हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से हर वर्ष कम से कम एक हथकरघा उत्पाद खरीदने का आग्रह किया।
- बस्तर की आत्मसमर्पित महिलाओं का रैंप वॉक: कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण वह रहा जब बस्तर की आत्मसमर्पित महिलाओं ने पारंपरिक कोसा सिल्क परिधान पहनकर रैंप वॉक किया, जिसे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सराहा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- ‘सेल्फी विद स्वदेशी’ अभियान: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और सोशल मीडिया पर इस अभियान से जुड़ने की अपील की। इसके तहत चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
- वितरण एवं सम्मान: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं डॉ. रमन सिंह के आतिथ्य में कक्षा 10वीं और 12वीं के 935 मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि, 17 वरिष्ठ बुनकरों को सम्मान राशि, उन्नत करघे, आधुनिक टूल किट और विद्युत चाक वितरित किए गए।



