रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (सीजीएसडीएमए) के तत्वावधान में मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में आपदा जोखिम को कम करना और आगामी मानसून सीजन से निपटने के लिए तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाना था।
- आपदा तैयारियों की समीक्षा: राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने राज्य में बाढ़, अतिवृष्टि, आकाशीय बिजली और भूस्खलन जैसी मौसमी आपदाओं से निपटने के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।
- त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र: बैठक में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन के बीच आपसी समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें।
- टेक्नोलॉजी और अर्ली वार्निंग सिस्टम: आपदाओं से पहले चेतावनी देने के लिए ‘सचेत प्लेटफॉर्म’ और ‘सेल ब्रॉडकास्ट’ आधारित अलर्ट प्रणाली के प्रभावी उपयोग की भी समीक्षा की गई।
- केंद्रीय सहयोग: एनडीएमए के संयुक्त सलाहकार श्री संजीव सही ने राज्य में चल रहे आपदा प्रबंधन कार्यों में राष्ट्रीय स्तर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
- संवेदनशील जिलों पर फोकस: आगामी मानसून के दौरान संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरतने, मॉक एक्सरसाइज आयोजित करने, क्षमता निर्माण और जन-जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल बढ़ाकर जन-धन की हानि को न्यूनतम करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए।



