रायपुर ( मनोज वर्मा )
राज्य के नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में सभी नगर निगमों और जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं के कार्यों की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें, बल्कि रोजाना सुबह शहर में निकलकर मैदानी हकीकत देखें और विकास कार्यों को गति दें।
- दैनिक मैदानी निरीक्षण: निगम आयुक्तों और सीएमओ (मुख्य नगर पालिका अधिकारियों) को प्रतिदिन सुबह शहर का भ्रमण कर साफ-सफाई, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जनता की समस्याओं का जायजा लेने के निर्देश।
- भविष्य की दीर्घकालिक जल योजना: अगले 50 वर्षों की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) और वेस्ट वाटर रीसायकलिंग की व्यापक कार्ययोजना बनाने पर जोर।
- राजस्व और ऑनलाइन सेवाएं: निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्तियों का नया सर्वे करने और संपत्ति कर के भुगतान के लिए ऑनलाइन व्यवस्था को पूरी तरह से सुलभ बनाने के निर्देश।
- अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई: अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माणों पर तुरंत रोक लगाने के निर्देश, ताकि भविष्य में बुनियादी सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
- योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन: प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि, नालंदा परिसरों के निर्माण, और स्वच्छ भारत मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को समयसीमा में पूरा करने के आदेश।
- हरित क्षेत्र का विकास: शहरों के खाली स्थानों को चिन्हित कर सघन वृक्षारोपण करने और ‘अर्बन फॉरेस्ट’ विकसित करने के साथ फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त रखने को कहा गया।
नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने भी बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अधिकारियों का कार्यक्षेत्र केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि धरातल पर ऐसा काम दिखना चाहिए जिससे नागरिकों को नगरीय निकाय की सक्रिय मौजूदगी का अहसास हो। बैठक में विभिन्न केंद्रीय और राज्य प्रवर्तित योजनाओं, राजस्व वसूली, एनर्जी बिल ऑडिट और सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई।



