- खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की अनूठी पहल, स्कूलों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता पर दिया गया विशेष जोर
- IEC गतिविधि के तहत बांटे गए जागरूकता पोस्टर, स्कूली बच्चों को भी दी गई जानकारी
बिलासपुर
बच्चों को स्कूलों में मिलने वाले मध्यान्ह भोजन (Mid-Day Meal) की गुणवत्ता और सुरक्षा को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग बिलासपुर द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विभाग की ओर से 09 सितंबर से 11 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय विशेष ‘फास्टैक’ (FoSTaC – Food Safety Training and Certification) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
1073 महिलाओं ने लिया प्रशिक्षण
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बिलासपुर क्षेत्र के अंतर्गत स्कूलों में मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाली महिला स्व-सहायता समूहों की कुल 1073 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा इन महिलाओं को भोजन पकाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, व्यक्तिगत स्वच्छता, और खाद्य सुरक्षा के तमाम पहलुओं की तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी गई।
- सफाई और स्वच्छता: रसोईघर और बर्तनों की साफ-सफाई रखने के कड़े नियम।
- सुरक्षित भंडारण: खाद्यान्न (अनाज, दालें, तेल आदि) को कीटों और नमी से सुरक्षित रखने के तरीके।
- पोषण और शुद्धता: खाना बनाते समय पोषक तत्वों को बनाए रखने की तकनीक और ताजे पानी का उपयोग।
- व्यक्तिगत स्वास्थ्य: रसोइयों के लिए नाखून कटे होना, एप्रन और कैप पहनना तथा हाथों की उचित सफाई।
IEC गतिविधियों से बच्चों में भी जगाई गई जागरूकता
केवल रसोइयों तक ही सीमित न रहते हुए, इस अभियान को व्यापक रूप दिया गया। IEC (Information, Education and Communication) गतिविधियों के तहत प्रशिक्षण स्थल पर जागरूकता पोस्टरों का वितरण किया गया, ताकि इन्हें स्कूलों में प्रदर्शित किया जा सके। इसके साथ ही, स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को भी खाद्य सुरक्षा और स्वस्थ खान-पान की आदतों के प्रति जागरूक किया गया।
विभाग के इस प्रयास से न केवल मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता में सुधार आएगा, बल्कि जिले के हजारों स्कूली बच्चों को सुरक्षित और पौष्टिक आहार सुनिश्चित करने में भी बड़ी मदद मिलेगी।



