बिलासपुर
एसईसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) श्री हिमांशु जैन ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL), कोलकाता द्वारा आयोजित निवारक सतर्कता अभियान के तहत “लोक खरीद (Public Procurement)” और “वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सतर्कता” विषयों पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र को संबोधित किया।
- पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा: श्री जैन ने सार्वजनिक धन के प्रभावी उपयोग के लिए खरीद प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के कड़े पालन पर जोर दिया।
- जोखिम प्रबंधन: व्याख्यान के दौरान आवश्यकता निर्धारण (Need Assessment), निविदा आमंत्रण, बोली मूल्यांकन, अनुबंध प्रदान करने और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया के संभावित जोखिमों और उनके समाधानों पर विस्तृत चर्चा की गई।
- संस्थागत सुशासन: निवारक सतर्कता (Preventive Vigilance) को केवल अनियमितताओं की रोकथाम नहीं, बल्कि एक उत्कृष्ट प्रशासनिक संस्कृति को सुदृढ़ करने का साधन बताया गया।
- व्यापक सहभागिता: इस सत्र में DFCCIL के अधिकारियों के साथ-साथ SECL मुख्यालय और MDI बिलासपुर के युवा कार्यपालक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
यह पहल दोनों संगठनों के बीच सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों (Best Practices) को साझा करने और सार्वजनिक खरीद प्रणाली में पारदर्शिता एवं जनविश्वास को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।



