रायपुर
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने बरसात के तुरंत बाद प्रदेशभर में बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों को तेज करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने नवा रायपुर स्थित ‘निर्माण भवन’ में पुल-पुलियों और राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में स्पष्ट किया गया कि अक्टूबर माह तक हर हाल में सभी निर्माण स्थलों पर काम शुरू होना चाहिए और जमीन पर इसकी दृश्यता दिखनी चाहिए।
प्रमुख निर्देश और समय-सीमा
- युद्धस्तर पर शुरुआत: बरसात समाप्त होते ही सभी निर्माणाधीन कार्यों का एक सप्ताह के भीतर ठेकेदारों के साथ स्थल निरीक्षण कर अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- समयबद्ध लक्ष्य: वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले कार्यों के प्राक्कलन 20 सितंबर तक जमा करने को कहा गया है। वहीं, बारिश से क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत, रेलिंग और दीवारों की पेंटिंग का कार्य 30 नवंबर तक पूरा करना होगा।
- निविदा और कार्यारंभ: नए स्वीकृत कार्यों की निविदा प्रक्रिया नवंबर तक पूरी कर ली जाए और जनवरी तक हर हाल में मैदानी स्तर पर काम शुरू कर दिया जाए।
- मार्च तक पूर्ण होने वाले प्रमुख मार्ग: रायपुर में एमएमआई चौक से शदाणी दरबार खंड, बेमेतरा बायपास, कोंडागांव से नारायणपुर खंड और रतनपुर से पेंड्रा रोड राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्यों को आगामी वर्ष मार्च तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
गुणवत्ता, साइट निरीक्षण और प्रशासनिक कसावट
- अनिवार्य साइट विजिट: कार्यपालन अभियंताओं (EE) और अधीक्षण अभियंताओं (SE) को सप्ताह में दो दिन अनिवार्य रूप से निर्माण स्थलों का दौरा करने को कहा गया है। गुणवत्ता या कार्य में ढिलाई बरतने वाले ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
- मुख्यालय छोड़ने पर रोक: अधिकारियों और अनुविभागीय अधिकारियों (SDO) को बिना अनुमति मुख्यालय या कार्यालय न छोड़ने तथा कार्यक्षेत्र में रहकर समस्याओं का तत्पर निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
- भुगतान और अनुबंध समापन: ठेकेदारों का भुगतान हर महीने सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि वित्तीय गति प्रभावित न हो। इसके अलावा, कार्य पूरा होने के 3 महीने के भीतर अनुबंध क्लोज करने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश हैं।
पोर्टल और समन्वय पर जोर
- गतिशक्ति पोर्टल: प्रदेश के सभी पुल-पुलियों की जानकारी 10 सितंबर तक भारत सरकार के गतिशक्ति पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने को कहा गया है; ऐसा न करने वाले अधिकारियों पर कारण बताओ नोटिस की कार्रवाई होगी।
- शिकायत निवारण: सीपीग्राम्स (CPGRAMS) और सीएम-हेल्पलाइन की शिकायतों, अनुकंपा नियुक्तियों और पेंशन मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करने पर जोर दिया गया।
- बेहतर समन्वय: राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में तेजी लाने के लिए एनएचएआई और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया है।
समीक्षा बैठक में प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एस.के. कोरी और राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



