बिलासपुर

शिक्षा का बाजारीकरण: जीपीएम जिले के कॉलेजों में डी.एल.एड, बीएड प्रवेश के नाम पर वसूली का संगठित सिंडिकेट

छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक परिदृश्य में प्रशासनिक संरक्षण और बेलगाम फीस वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय से संबद्ध आयुष कॉलेज ऑफ एजुकेशन (मेढूका, पेंड्रारोड) और मरवाही कॉलेज में डी.एल.एड. पाठ्यक्रम के नाम पर छात्रों के आर्थिक व मानसिक शोषण का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। एससीईआरटी की केंद्रीय काउंसलिंग प्रक्रिया को दरकिनार कर इन संस्थानों में शिक्षा को शुद्ध रूप से मुनाफा कमाने का जरिया बना लिया गया है।

​अवैध वसूली और ‘नॉन-अटेंडिंग’ का खेल

  • ​मनमानी फीस: मेधावी और जरूरतमंद छात्रों से ‘नॉन-अटेंडिंग’ (नियमित कक्षाओं में उपस्थित न होने की छूट) के एवज में 80,000 रुपये से 1,00,000 रुपये तक की अतिरिक्त अवैध वसूली की जा रही है।
  • ​पारिवारिक आर्थिक संकट: गरीब और मध्यम वर्ग के अभिभावक जब इस भारी-भरकम राशि पर असमर्थता जताते हैं, तो उन्हें कॉलेज परिसरों से अपमानित कर वापस लौटा दिया जाता है।
  • ​आपसी सिंडिकेट: सूत्रों से मिली इनपुट के आधार पर आयुष कॉलेज और मरवाही कॉलेज का प्रबंधन मिलकर एक ऐसा चक्रव्यूह चला रहा है जहाँ एक कॉलेज अलॉट होने के बावजूद छात्रों को दूसरे कॉलेज का भय दिखाकर मनचाही रकम वसूली जा रही है।

​प्रशासनिक मौन और व्यापक होती जड़ें

यह पूरा प्रकरण केवल दो महाविद्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के निजी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों की उस सड़ी-गली व्यवस्था की बानगी है जो दूर-दराज के जिलों में बेखौफ फल-फूल रही है।

  • ​काउंसलिंग प्रक्रिया की विफलता: शासकीय नियमों और एससीईआरटी के दिशा-निर्देशों को ताक पर रखकर कॉलेज प्रबंधनों द्वारा प्रवेश सीटों पर अवैध कब्जा और मोलभाव किया जा रहा है।
  • ​व्यापक जांच की मांग: यदि निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, तो प्रदेशभर के दर्जनों ऐसे कॉलेज बेनकाब हो जाएंगे जो कागजों पर शिक्षण संस्थान हैं और अंदरखाने अवैध वसूली के केंद्र बन चुके हैं।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव का बयान

किसी भी छात्र छात्राओं को एक पैसा अतिरिक्त देने की जरूरत नहीं है अगर ऐसा ले रहे हैं तो यह गलत बात है
नॉन अटेंडिंग जैसा कोई मामला नहीं होता है हम विधिवत मंथली अटेंडेंस शीट से लेकर सब उनका जांच करेंगे और अगर कुछ गलत पाया जाता है तो कॉलेज का सम्बद्धता खत्म करने हेतु शासन को पत्र लिखेंगे ।

      डॉ तारणीश गौतम
              रजिस्ट्रार
 अटल यूनिवर्सिटी बिलासपुर

 

अभी तक हमारे संज्ञान में नहीं आया था अगर ऐसा कर रहे हैं तो यह गलत बात है उचित कार्यवाही होनी चाहिए

श्री प्रणव कुमार मरपच्ची
विधायक मरवाही

 

समीक्षा

शिक्षा के अधिकार और गरीब छात्रों के भविष्य की कीमत पर चल रहे इस समानांतर कारोबार ने व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। यदि समय रहते इन सिंडिकेट्स पर प्रशासनिक बुलडोजर नहीं चला, तो योग्य और गरीब युवाओं का शिक्षक बनने का सपना इन धनलोभुओं की भेंट चढ़ता रहेगा।

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