सीपत /बिलासपुर –
एनटीपीसी सीपत में 1 सितंबर 2026 से मुख्य महाप्रबंधक श्री विजय शंकर दुबे ने नए परियोजना प्रमुख के रूप में आधिकारिक तौर पर पदभार ग्रहण कर लिया है। वर्ष 1995 में कार्यपालक प्रशिक्षु के रूप में एनटीपीसी से जुड़े श्री दुबे के पास प्रचालन, परियोजना प्रबंधन और निर्माण के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का लंबा अनुभव है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि एवं करियर की मुख्य बातें
- शिक्षा: उन्होंने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.ई. और एमएसीटी, भोपाल से मशीन डिजाइन में एम.टेक. की डिग्री प्राप्त की है।
- कार्य अनुभव: एनटीपीसी विंध्याचल, गाडरवाड़ा, नॉर्थ करणपुरा और कॉरपोरेट सेंटर में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। सीपत आने से पहले वे कॉरपोरेट सेंटर में परियोजना प्रबंधन से जुड़े थे।
- विशेष प्रशिक्षण: उन्होंने आईआईएम अहमदाबाद के ‘LEAD’ कार्यक्रम के अलावा टोटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और आईपीएमए लेवल ‘C’ प्रमाणन प्राप्त किया है।
पदभार ग्रहण करने के अवसर पर संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और विभिन्न एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी। उनके नेतृत्व में सीपत संयंत्र प्रचालन उत्कृष्टता और सतत विकास की दिशा में नए आयाम स्थापित करने के लिए अग्रसर है।
एनटीपीसी सीपत: एक नजर में
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्थित एनटीपीसी सीपत राज्य का सबसे बड़ा 2,980 मेगावाट क्षमता वाला सुपर थर्मल पावर स्टेशन है। यह संयंत्र छत्तीसगढ़ सहित कुल सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बिजली की आपूर्ति करता है।
- वर्तमान क्षमता: स्टेज-I में 660 मेगावाट की 3 इकाइयां और स्टेज-II में 500 मेगावाट की 2 इकाइयां शामिल हैं। यहां देश का सबसे बड़ा 765 केवी का स्विचयार्ड भी मौजूद है।
- भविष्य की परियोजनाएं: वर्तमान में अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित 800 मेगावाट की स्टेज-III परियोजना का निर्माण कार्य जारी है, जिसके पूरा होने पर कुल क्षमता बढ़कर 3,780 मेगावाट हो जाएगी।
- हरित ऊर्जा पहल: पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हुए संयंत्र परिसर में 26 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है।



