रायपुर (मनोज वर्मा )
रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CMDC) और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय को ‘नॉलेज पार्टनर’ बनाया गया है, जो बस्तर के खनिज संसाधनों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का कार्य करेगा।
- 25 साल बाद खदान शुरू: मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में बीजापुर जिले के कुचनूर क्षेत्र में लगभग 25 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कोरंडम खदान का पुनः संचालन शुरू किया गया है।
- वैल्यू एडिशन और आधुनिक प्रशिक्षण: पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के माध्यम से स्थानीय युवाओं और शिल्पकारों को कोरंडम की कटिंग, पॉलिशिंग, और जेम्स्टोन हैंडलिंग का आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- ‘बस्तर ब्रांड’ को बढ़ावा: कुचनूर के उच्च गुणवत्ता वाले कोरंडम से तैयार आभूषणों और रत्न उत्पादों को ‘बस्तर ब्रांड’ के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रमोट किया जाएगा।
- स्थानीय रोजगार का सृजन: इस परियोजना से अब तक भोपालपट्टनम के स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है, जिससे खनन से लेकर मूल्य संवर्धन (वैल्यू चेन) तक आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री साय की इस दूरदर्शी सोच का उद्देश्य बस्तर की खनिज संपदा का वैज्ञानिक और सतत उपयोग कर स्थानीय युवाओं और शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे क्षेत्र को नई आर्थिक पहचान मिल सके।



