भिलाई: भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सहयोग से ‘इको केयर एवं आपदा प्रबंधन अभियान’ के तहत विशेष जागरूकता सत्रों का आयोजन किया गया। इन सत्रों का मुख्य केंद्रबिंदु मानसिक एवं भावनात्मक सुदृढ़ता, शांतचित्त निर्णय क्षमता और आपातकालीन स्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया था
- कुल प्रतिभागी: संयंत्र के चार प्रमुख विभागों से कुल 139 कार्मिकों ने इन सत्रों में हिस्सा लिया।
- विभागवार सहभागिता:
- मैकेनिकल एवं यूटिलिटीज: 47 कार्मिक
- कोक ओवन एवं कोल केमिकल विभाग: 39 कार्मिक
- स्टील मेल्टिंग शॉप-2: 30 कार्मिक
- प्लेट मिल: 23 कार्मिक
कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य
- मानसिक संतुलन: औद्योगिक कार्यस्थल पर संकट के समय तनाव प्रबंधन और आंतरिक स्थिरता बनाए रखना।
- विवेकपूर्ण निर्णय: आपातकालीन परिस्थितियों में घबराहट से दूर रहकर संयम और सकारात्मकता के साथ त्वरित निर्णय लेना।
- समग्र सुरक्षा: पारंपरिक भौतिक सुरक्षा उपकरणों के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक तैयारी को सुरक्षा संस्कृति का मुख्य हिस्सा बनाना।
वक्ताओं के विचार एवं संचालन
सत्रों का संचालन बीके भरत भूषण, ब्रह्मकुमार पीयूष, प्रोफेसर ओंकार चंद शर्मा तथा बीके बहन अंजलि द्वारा किया गया। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि औद्योगिक वातावरण में केवल सुरक्षा संसाधन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि कार्मिकों की सतर्कता, आपसी समन्वय और मानसिक सुदृढ़ता आपदा से निपटने में सबसे बड़ी भूमिका निभाती है।
यह पूरी पहल कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार के मार्गदर्शन और महाप्रबंधक (मानव संसाधन-वर्क्स) संजय द्विवेदी के नेतृत्व में मानव संसाधन विभाग द्वारा समन्वित की गई। इस अनूठी पहल ने कर्मचारियों को मानसिक रूप से सशक्त और भावनात्मक रूप से संतुलित रहकर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया है।



