रायपुर : गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले के पेण्ड्रा स्थित फिजिकल कॉलेज मैदान में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। इस गरिमामयी आयोजन के मुख्य केंद्रबिंदु केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और कोटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री अटल श्रीवास्तव रहे, जिनके मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन से न सिर्फ खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा, बल्कि क्षेत्र के खेल विकास को भी एक नई दिशा मिली।
श्री तोखन साहू: खिलाड़ियों को दी जीवन की बड़ी सीख
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने प्रतियोगिता का ध्वजारोहण कर विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल नियमों का पूर्ण पालन करते हुए अनुशासन और निष्ठा की शपथ दिलाई।
- प्रेरक उद्बोधन: श्री साहू ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “खेल को ऐसे खेलें कि वह पढ़ाई बन जाए और पढ़ाई को ऐसे पढ़ें कि वह खेल बन जाए।”
- तनावमुक्त जीवन का संदेश: उन्होंने खिलाड़ियों को तनाव और अवसाद से मुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल केवल जीतने का जरिया नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, धैर्य और संघर्ष की भावना विकसित करने का सबसे बड़ा माध्यम है।
श्री अटल श्रीवास्तव: खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला और की बड़ी घोषणा
कार्यक्रम में विशिष्ट रूप से उपस्थित कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
- भविष्य के लिए सौगात: खेल मैदानों और आयोजनों को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, फिजिकल कॉलेज मैदान पेण्ड्रा में एक भव्य, सुंदर और सुसज्जित मंच के निर्माण की घोषणा की गई।
- आर्थिक सहयोग: इस मंच के निर्माण के लिए केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू ने 10 लाख रुपये तथा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव ने 5 लाख रुपये (कुल 15 लाख रुपये) देने की घोषणा की, जिसका उपस्थित जनसमूह और खेल प्रेमियों ने जोरदार स्वागत किया।
प्रतियोगिता की मुख्य झलकियां:
- सहभागिता: प्रदेश के पांचों संभागों (रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा) के 14 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 540 खिलाड़ी इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
- प्रमुख खेल: जिम्नास्टिक, क्रिकेट, ताइक्वांडो और कबड्डी जैसी विधाओं में खिलाड़ी अपना कौशल दिखा रहे हैं।
आकर्षक प्रस्तुतियां: रंग-बिरंगी पोशाकों में सजे खिलाड़ियों के मार्चपास्ट और स्कूली छात्राओं के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया।



