दुर्ग
- लागत: 4 करोड़ 85 लाख 43 हजार रुपये।
- शिलान्यास: स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव द्वारा भूमिपूजन संपन्न।
- मुख्य आकर्षण: 7 आधुनिक पेइंग रूम, सेंट्रलाइज्ड एसी और दो विशाल वेटिंग हॉल।
- भविष्य की योजनाएं: एमआरआई और सीटी स्कैन सेंटर स्थापित करने की भी तैय
दुर्ग जिले के स्वास्थ्य ढांचा को एक नया आयाम देते हुए जिला चिकित्सालय परिसर में अत्याधुनिक सर्जिकल विंग प्रथम तल (फेज-2) के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने इस महत्वपूर्ण विकास कार्य की आधारशिला रखी। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 4.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी अस्पताल में ही उच्च स्तरीय और निजी अस्पतालों जैसी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मरीजों और परिजनों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि इस नए सर्जिकल विंग में 7 आधुनिक पेइंग रूम बनाए जाएंगे। इन कमरों में मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। भवन के भीतर दो विशाल वेटिंग हॉल, सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनिंग (AC), टेलीविजन और अन्य हाई-टेक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
प्रसूता महिलाओं और परिवारों को होगी सहूलियत
मंत्री यादव ने बताया कि जिला अस्पताल में लंबे समय से पेइंग वार्ड की सुविधा न होने के कारण मरीजों, विशेषकर प्रसूता महिलाओं और उनके परिजनों को काफी असुविधा होती थी और उन्हें मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत अब डिलीवरी के बाद जच्चा-बच्चा को चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में सुरक्षित, आरामदायक और निजी अस्पताल जैसी सुविधाओं वाले अलग पेइंग रूम में रखा जा सकेगा।
लगभग 15 साल पुरानी सुविधा हो रही है पुनर्जीवित
उन्होंने याद दिलाया कि करीब 15 साल पहले जिला अस्पताल में पेइंग वार्ड संचालित होता था, जहां अलग किचन सहित कई विशेष सुविधाएं मिलती थीं, लेकिन बाद में यह व्यवस्था बंद हो गई थी। अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से इस सुविधा को पुनः शुरू करने का आग्रह किया था, जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
भविष्य में एमआरआई और सीटी स्कैन की भी मिलेगी सुविधा
स्कूल शिक्षा मंत्री ने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में दुर्ग जिला अस्पताल में अलग एमआरआई सेंटर और सीटी स्कैन सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। इससे जिले के लोगों को गंभीर जांचों के लिए बाहर नहीं भटकना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर ही उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
इस अवसर पर नगर निगम सभापति श्री श्याम शर्मा, छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी, सिविल सर्जन डॉ. आशिष मिंज, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री ए.के. भट्टाचार्य सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।


