नई दिल्ली:
भारत में उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना देश के मेधावी छात्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। आर्थिक तंगी के कारण जिन मेधावी छात्रों का आईआईटी, आईआईएम और देश के अन्य शीर्ष संस्थानों में पढ़ने का सपना अधूरा रह जाता था, अब यह योजना उन्हें बिना किसी जमानत (कोलैटरल-फ्री) और बिना गारंटर के शिक्षा ऋण उपलब्ध करा रही है।
योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ:
- बिना जमानत और गारंटर के ऋण: देश के शीर्ष रैंक वाले गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों (QHEIs) में प्रवेश पाने वाले छात्र बिना किसी गारंटी के आसानी से शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 1,425 संस्थान शामिल हैं।
- आकर्षक ब्याज सब्सिडी: 8 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले छात्रों के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण पर 3% ब्याज सब्सिडी का प्रावधान है।
- क्रेडिट गारंटी: बैंकों का जोखिम कम करने और ऋण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए भारत सरकार 7.5 लाख रुपये तक के ऋण पर 75% क्रेडिट गारंटी देती है।
- पूर्णतः डिजिटल प्रक्रिया: आवेदन करने से लेकर, स्टेटस ट्रैक करने और ब्याज सब्सिडी का दावा करने के लिए एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल और ‘पीएम-विद्यालक्ष्मी डिजिटल रुपया ऐप’ (सीबीडीसी वॉलेट) की सुविधा उपलब्ध है।
शानदार आंकड़े और बढ़ता दायरा:
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है:
- कुल आवेदन: इस योजना के तहत 1,10,667 आवेदन प्राप्त हुए।
- मंजूरी और वितरण: इनमें से 70,852 ऋण मंजूर किए जा चुके हैं और 67,728 ऋण वितरित किए जा चुके हैं।
- लैंगिक समावेशिता: यह योजना शिक्षा में समानता को बढ़ावा दे रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जहाँ कुल 2,76,764 महिलाओं ने लोन के लिए आवेदन किया और 1,58,629 लोन महिलाओं के लिए मंजूर हुए।
समावेशी विकास की ओर अग्रसर
यह योजना न केवल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों को पूरा करती है, बल्कि सतत विकास लक्ष्य (SDG 4) के तहत 2030 तक सभी के लिए समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। इसमें EWS, OBC, SC, ST और दिव्यांगजन (PwD) सहित समाज के हर वर्ग के छात्रों को शामिल किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि पैसे की कमी किसी भी मेधावी छात्र की राह में रुकावट न बने।


