दिल्ली

सुशासन और सतत विकास का नया दौर: संसद में पेश हुई पंचायती राज सुधारों की रिपोर्ट

दिल्ली

  • ​आरजीएसए योजना से मिल रही मजबूती: पंचायती राज मंत्रालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 से लागू संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) योजना के जरिए देश और राज्यों में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) के निर्वाचित प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की प्रशासनिक क्षमता लगातार मजबूत की जा रही है।

  • ​छत्तीसगढ़ में बंपर प्रशिक्षण: छत्तीसगढ़ राज्य में योजना के तहत प्रशिक्षित प्रतिनिधियों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है, जिसमें वर्ष 2022-23 में 1,21,099 से बढ़कर वर्ष 2025-26 में यह संख्या 1,82,705 तक पहुंच गई है, और 10 जुलाई 2026 तक 58,987 लोग प्रशिक्षित हो चुके हैं।

  • ​डिजिटल सशक्तिकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर: छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में डिजिटल शासन को बढ़ावा देने के लिए 1,111 कंप्यूटर वितरित किए गए हैं, 130 पंचायतों में सीएससी सह-स्थापन के लिए अतिरिक्त भवन दिए गए हैं, और 1,197 प्रतिभागियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रशिक्षण दिया गया है।

  • ​एसडीजी के 9 अभिनव विषय: जमीनी स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों (एलएसजीडी) को सरल बनाने के लिए 17 एसडीजी लक्ष्यों को 9 प्रमुख विषयों (जैसे स्वस्थ पंचायत, स्वच्छ और हरित पंचायत, महिला-अनुकूल पंचायत आदि) में बांटा गया है। छत्तीसगढ़ में इसके तहत स्वस्थ पंचायत (2,168), स्वच्छ और हरित पंचायत (2,475) और महिला-अनुकूल पंचायत (1,350) के तहत विशेष प्रशिक्षण दिए गए हैं।

  • ​गुजरात में भी विशेष प्रशिक्षण: वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान गुजरात में ओएसआर (OSR) मॉड्यूल के तहत 590, महिला निर्वाचित प्रतिनिधि (WER) मॉड्यूल के तहत 2,240 और पीएआई (PAI) के तहत 409 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया है।

  • ​संसद में आधिकारिक जानकारी: यह महत्वपूर्ण विवरण केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 29 जुलाई 2026 को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से साझा किया है।

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