नई दिल्ली:
छात्र आंदोलन और पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आज सरकार और सीजेपी (CJP) प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता का तीसरा दौर आयोजित हुआ। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन से जुड़े मामलों और अपनी मांगों से जुड़ा एक लिखित प्रस्ताव सरकार को सौंपा।
वार्ता के बाद सरकार की ओर से छात्रों और आंदोलनकारियों के हित में कई बड़े आश्वासन दिए गए हैं:
- कार्रवाई नहीं होगी: सरकार ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के आयोजकों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और न ही इस संबंध में कोई नया मामला दर्ज किया जाएगा।
- मुआवजे का आश्वासन: आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार ने नियमों के तहत उन्हें अधिकतम संभव मुआवजा देने का भरोसा दिया है।
- परीक्षा और शिक्षा सुधार: सरकार ने छात्रों की परीक्षा एवं शिक्षा सुधार से जुड़ी पांच सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है और आगे भी बातचीत जारी रखने की सहमति दी है।
शांति बनाए रखने की अपील:
सरकार ने सभी छात्रों और युवाओं से आग्रह किया है कि वे अब शांतिपूर्ण तरीके से अपने आंदोलन को समाप्त करें और इस वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहयोग दें ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के रास्तों को तेजी से लागू किया जा सके।


