रायपुर — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, बस्तर के कायाकल्प और राज्य की महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं औद्योगिक परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के समक्ष बदलते छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया।
प्रमुख माँगे और चर्चा का विषय
- राजनांदगांव यूरिया परियोजना: मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव में लगभग ₹10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया। इससे कृषि क्षेत्र में उर्वरक उपलब्धता और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
- स्थायी ग्रिड कनेक्टिविटी: बस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों के 461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग मांगा गया है।
- आयुर्वेद संस्थान: रायपुर अथवा बस्तर में ‘ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद’ (AIIA) की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है।
- लखपति दीदी सम्मेलन आमंत्रण: मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया।
बस्तर का बदलता स्वरूप: ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने’
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की समन्वित रणनीति से बस्तर में अभूतपूर्व बदलाव आ रहा है:
- कल्याणकारी योजनाएं: ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने’ के माध्यम से 5,542 गांवों के लगभग 39 लाख लोगों तक शासन की योजनाएं पहुंच रही हैं।
- शिक्षा का प्रसार: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है। साथ ही, दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।
- स्वास्थ्य सेवाएं: ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं और गीदम में मेडिकल कॉलेज का विस्तार किया जा रहा है।
- कनेक्टिविटी और सिंचाई: जगदलपुर-रावघाट रेललाइन परियोजना (लगभग ₹3,513 करोड़) और इंद्रावती नदी पर बैराज परियोजना (लगभग 32 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता) पर तेजी से काम चल रहा है। बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड बनाने के प्रयास भी जारी हैं।
- युवाओं की भागीदारी: बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार किया है।
औद्योगिक निवेश और आर्थिक प्रगति
- बड़ा निवेश: औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
- नर्सिंग और तकनीकी क्षेत्र: एआई डेटा सेंटर पार्क, सेमीकंडक्टर, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, ग्लोबल बीपीओ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण जैसे नए क्षेत्रों में निवेश आ रहा है।
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में नियामकीय सुगमता और संस्थागत वातावरण के मामले में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है।
- वित्तीय अनुशासन: राज्य में जीएसटी राजस्व में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और खनिज राजस्व में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। देश के पहले टिन और लिथियम ब्लॉक की नीलामी छत्तीसगढ़ द्वारा की गई है।
महिला सशक्तिकरण और तकनीक-आधारित सुशासन
- लखपति दीदी: निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर 10.42 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है, और अब 14 लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है।
- एआई मिशन: ₹500 करोड़ के राज्य एआई मिशन के माध्यम से तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
- डिजिटल सेवाएं: ‘सेवा सेतु पोर्टल’ के जरिए 36 विभागों की 528 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं, और रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण की डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का निर्माण तेजी से पूरा होगा।


