भिलाई, 16 जुलाई 2026: सस्टेनेबल एनर्जी और हरित औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) और अडाणी टोटल गैस लिमिटेड (एटीजीएल) ने आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य भिलाई इस्पात संयंत्र और इसकी टाउनशिप में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
स्वच्छ ऊर्जा की ओर एक मील का पत्थर
यह समझौता संयंत्र की ऊर्जा दक्षता में सुधार करने और पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ ईंधन को अपनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मौजूदा प्रोपेन और एलपीजी आधारित प्रणालियों को तकनीकी रूप से व्यवहार्य क्षेत्रों में पीएनजी से बदलने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक समारोह में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB) के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार जैन और भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्तरंजन महापात्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समझौता दस्तावेजों का आदान-प्रदान एटीजीएल के श्री नविंदरजीत सिंह बेदी और बीएसपी के मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) श्री बी. के. बेहरा द्वारा किया गया।
भविष्य की राह: सतत विकास
भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्तरंजन महापात्र ने इस साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल न केवल ऊर्जा दक्षता को बढ़ाएगी, बल्कि सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद करेगी। कार्यक्रम के दौरान बीएसपी की ओर से पीएनजी कार्यान्वयन पर एक तकनीकी प्रेजेंटेशन भी दिया गया।
इस अवसर पर संयंत्र के विभिन्न विभागों के कार्यपालक निदेशक (EDs) और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हरित औद्योगिक विकास के राष्ट्रीय उद्देश्यों को गति प्रदान करेगी, जिससे भिलाई इस्पात संयंत्र और वहां के निवासियों के लिए ऊर्जा प्रबंधन अधिक प्रभावी और सुरक्षित हो जाएगा।


