प्रमुख बिंदु –
- इस्तीफे की मांग: कांग्रेस ने भाजपा विधायक अमर अग्रवाल पर बिलासपुर की आवाज़ दबाने का आरोप लगाते हुए नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देने की चुनौती दी है।
- सवालों का अंतर: पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में 392 प्रश्न उठे, जबकि मौजूदा विधायक ने पिछले ढाई वर्षों में एक भी सवाल नहीं पूछा।
- स्मार्ट सिटी पर तीखा प्रहार: 1100 करोड़ खर्च होने के बावजूद पहली बारिश में शहर के जलमग्न होने और जनता को केवल 6,000 रुपये मुआवजा देने पर सरकार को घेरा।
विस्तृत समाचार
बिलासपुर:
स्थानीय राजनीति में बुधवार को उस समय उबाल आ गया जब कांग्रेस ने बिलासपुर प्रेस क्लब में एक आक्रामक पत्रकार वार्ता कर भाजपा विधायक अमर अग्रवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि बिलासपुर के हक और विकास की आवाज़ विधानसभा के भीतर पूरी तरह खामोश हो चुकी है, जिसे जनता अब बर्दाश्त नहीं करेगी।
“जब दूसरे विधायक लड़ रहे हैं, बिलासपुर क्यों खामोश?”
प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने मौजूदा विधायक के कामकाज पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने आंकड़े सामने रखते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सदन में 392 प्रश्न उठाकर बिलासपुर की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था, जबकि मौजूदा विधायक अमर अग्रवाल ने अपने वर्तमान ढाई साल के कार्यकाल में विधानसभा में एक भी प्रश्न नहीं पूछा है।
शैलेष पांडेय ने सीधा सवाल दागा:
“जब छत्तीसगढ़ के अन्य विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की लड़ाई विधानसभा के भीतर मजबूती से लड़ रहे हैं, तब बिलासपुर जैसी महत्वपूर्ण विधानसभा की आवाज़ आखिर क्यों खामोश है…?”
इसी नाकामी को आधार बनाते हुए कांग्रेस ने अमर अग्रवाल से नैतिक आधार पर अपने पद से तत्काल इस्तीफा देने और जनता के बीच दोबारा जनादेश मांगने की मांग की है।
23 साल की राजनीति और बुनियादी समस्याएं
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 23 वर्षों तक बिलासपुर की राजनीति पर पकड़ रखने और 15 वर्षों तक मंत्री पद पर रहने के बावजूद शहर आज भी बदहाल स्थिति में है। शहरवासी आज भी जलभराव, जर्जर सड़कें, गंभीर पेयजल संकट, अघोषित बिजली कटौती, बढ़ते अपराध, नशाखोरी, और शिक्षा-स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक शैलेष पांडेय के साथ जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी, नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप, और उपनेता प्रतिपक्ष रामा बघेल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और मुआवजे पर आक्रोश
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने स्मार्ट सिटी के नाम पर हुए कथित भ्रष्टाचार पर कड़ा रोष जताया। उन्होंने कहा:
- शहर पर करीब 1100 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन महज पहली बारिश ने ही विकास के दावों की पोल खोल दी।
- लोगों के घरों में पानी घुसने से गृहस्थी का सामान, जरूरी कागजात और विद्यार्थियों की मार्कशीट तक बर्बाद हो गईं।
- इसके विपरीत, सरकार पीड़ित परिवारों को केवल 6,000 रुपये की मामूली राहत राशि देकर अपनी औपचारिकता पूरी कर रही है।
कांग्रेस ने मांग की है कि प्रशासन द्वारा वास्तविक नुकसान का निष्पक्ष सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए और जतिया तालाब सहित सभी स्मार्ट सिटी के कार्यों की स्वतंत्र जांच हो।
भविष्य की रणनीति
कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि बिलासपुर की जनता के अधिकारों और शहर के सुनहरे भविष्य की लड़ाई है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जनहित के इन गंभीर मुद्दों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन किया जाएगा।


