बिलासपुर (मनोज वर्मा )— भारतीय रेल की स्वदेशी अत्याधुनिक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ (Kavach) का दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में एक और बड़ा मील का पत्थर हासिल हुआ है। नागपुर रेल मंडल के अंतर्गत कलमना–सालवा (25 किलोमीटर) रेलखंड पर 23 जुलाई 2026 को सायं 15:00 बजे से 17:30 बजे के बीच SIL-4 स्तर का कवच ट्रायल ब्रेकिंग मोड ऑन में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
इस परीक्षण के दौरान प्रणाली की सभी सुरक्षा कसौटियां खरी उतरीं, जिससे भविष्य में रेल यात्रा को और अधिक सुरक्षित बनाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
परीक्षण की मुख्य विशेषताएँ और सफलताएँ
- सिग्नल पहचान एवं SPAD की रोकथाम: परीक्षण के दौरान यह परखा गया कि सामान्य परिस्थितियों में लाल सिग्नल मिलने पर यदि लोको पायलट समय पर ब्रेक नहीं लगा पाता है, तो कवच प्रणाली स्वतः सिग्नल की स्थिति भांपकर ट्रेन को सुरक्षित रूप से रोक देती है। इससे सिग्नल पास्ड एट डेंजर (SPAD) जैसी दुर्घटनाओं की संभावना शून्य हो जाती है।
- स्वचालित गति नियंत्रण (Automatic Speed Control): रेलखंडों और यार्डों में निर्धारित गति सीमाओं का कड़ाई से पालन कराने के लिए यह परीक्षण किया गया। गति सीमा पार होने पर कवच प्रणाली ने स्वतः हस्तक्षेप कर ट्रेन की गति को तय सीमा के भीतर नियंत्रित किया।
- आपातकालीन SOS प्रणाली: इस सुविधा का परीक्षण लोकोमोटिव और स्टेशन दोनों स्तरों पर किया गया। लोको पायलट या स्टेशन मास्टर द्वारा किसी भी आपात स्थिति में जारी किया गया SOS अलर्ट तुरंत निकटवर्ती स्टेशनों और आसपास की ट्रेनों तक पहुँच जाता है, जिससे स्वतः ब्रेकिंग प्रक्रिया शुरू होकर संभावित दुर्घटनाएं टल जाती हैं।
परीक्षण के दौरान उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण तकनीकी परीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों को परखने के लिए रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट
- लोको इंस्पेक्टर
- उप मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (परियोजना), नागपुर
- सहायक मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (परियोजना), नागपुर
रेल संचालन में ‘कवच’ की भूमिका
’कवच’ भारतीय रेल द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक स्वदेशी ट्रेन संरक्षा प्रणाली है। यह प्रणाली सिग्नल उल्लंघन की रोकथाम, सटीक गति नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करती है। इस सफल ट्रायल के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भारतीय रेल के सुरक्षित, विश्वसनीय और तकनीक-संचालित संचालन के विजन को एक नई मजबूती दी है।


