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छत्तीसगढ़ पर्यटन और संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी: 2028 तक का नया लक्ष्य

रायपुर:

छत्तीसगढ़ के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने विभागों की प्रमुख उपलब्धियों, योजनाओं और आगामी प्राथमिकताओं की विस्तृत जानकारी साझा की। सरकार का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2028 तक छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

​🌟  घोषणाएं एवं कार्ययोजना

    • चित्रकोट और सिरपुर का विकास: बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के सिरपुर क्षेत्र के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया गया है और इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
    • भोरमदेव कॉरिडोर और धार्मिक पर्यटन: धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के तहत ‘श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ से अब तक 61 ट्रेनों के माध्यम से 50,000+ श्रद्धालुओं को अयोध्या और काशी के दर्शन कराए गए हैं। इसके अलावा, भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के लिए भारत सरकार द्वारा 145.99 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
    • निजी निवेश और फिल्म सिटी: पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए फिल्म सिटी निर्माण हेतु 203.53 करोड़ रुपए के प्रस्ताव मिले हैं, और लगभग 350 करोड़ रुपए की लागत से फिल्म सिटी व कन्वेंशन सेंटर विकसित करने की योजना है। साथ ही, 18 पर्यटन संपत्तियों को लीज-सह-विकास मॉडल पर दिया जा रहा है।
    • रोजगार और होमस्टे को बढ़ावा: स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए होमस्टे, टूर ऑपरेटरों और डिजिटल कंटेंट से जुड़े क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
    • कलाकार और साहित्यकार कल्याण: ‘कलाकार कल्याण कोष’ और ‘मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना’ के तहत कलाकारों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही, 407 आर्थिक रूप से अभावग्रस्त वरिष्ठ कलाकारों और साहित्यकारों को नियमित पेंशन प्रदान की जा रही है।
    • पुरातत्व एवं डिजिटल अभिलेखीकरण: रायपुर के रीवां (लखौली) में हुए पुरातात्विक उत्खनन से लगभग 2750 वर्ष पुरानी मानव बस्तियों के प्रमाण मिले हैं। इतिहास और संस्कृति को संरक्षित करने के लिए लगभग 12 लाख पृष्ठों का डिजिटलीकरण किया गया है, जिसे जल्द ही वेब पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार इको-एथनिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन के समन्वित विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है।

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Bilaspur Bulletin

Editor in chief
Kamal kumar gupta
BJMC ,MJMC, ph,D (per)

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