बिलासपुर
बिलासपुर के एसईसीएल डीएवी विद्यालय परिसर में शनिवार को ‘द्रोणाचार्य संगम शिक्षक सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत देश के महान शिक्षाविद् एवं द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस विशेष अवसर पर एसईसीएल के विभिन्न संचालन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले डीएवी विद्यालयों के उत्कृष्ट शिक्षकों को उनके समर्पित और सराहनीय शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
- शिक्षकों का अमूल्य योगदान: राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज की रीढ़ होते हैं। वे न केवल विद्यार्थियों को ज्ञान देते हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य के निर्माण में भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जिसका प्रभाव पूरे जीवन पर रहता है।
- सफलता के मूलमंत्र: विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मुकाम हासिल करने के लिए निरंतर परिश्रम, अनुशासन और अटूट लगन का होना अनिवार्य है।
- सकारात्मक जीवनशैली: राज्यपाल ने युवाओं को आलस्य और कार्यों को टालने की प्रवृत्ति से दूर रहने की नसीहत दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीखने की प्रक्रिया आजीवन चलनी चाहिए और हर व्यक्ति को हमेशा नया सीखने के लिए तत्पर रहना चाहिए।
- राष्ट्र निर्माण का आह्वान: कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आत्ममंथन करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि हमें यह सोचने के बजाय कि समाज ने हमारे लिए क्या किया, यह विचार करना चाहिए कि हमने समाज को क्या दिया है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित में अपनी क्षमताओं का सकारात्मक उपयोग करने का आग्रह किया।
इस गरिमामयी अवसर पर बिलासपुर संभाग के आयुक्त श्री सुनील जैन, एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, डीएवी बिलासपुर क्षेत्र की क्षेत्रीय सहायक अधिकारी श्रीमती मौलिका मुखर्जी, विद्यालय के प्राचार्य श्री के. पार्थिपन और एसईसीएल डीएवी कोरबा की प्राचार्य श्रीमती सुचित्रा शर्मा सहित एसईसीएल और जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।



