बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज करते हुए परिचालन के सभी प्रमुख मानकों में लंबी छलांग लगाई है। कंपनी ने कोयला उत्पादन, प्रेषण (ऑफटेक) और ओवरबर्डन रिमूवल (ओबीआर) में उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की है।
तिमाही के मुख्य आंकड़े:
- कोयला उत्पादन: 44.10 मिलियन टन (7.19% की वृद्धि)
- कोयला प्रेषण: 48.79 मिलियन टन (5.29% की वृद्धि)
- ओवरबर्डन रिमूवल (ओबीआर): 99.36 मिलियन क्यूबिक मीटर (5.62% की वृद्धि)
जून में बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड
कंपनी के लिए जून 2026 का महीना ऐतिहासिक रहा। इस माह एसईसीएल ने न केवल अपना अब तक का सर्वाधिक मासिक कोयला उत्पादन और प्रेषण किया, बल्कि 34.05 मिलियन क्यूबिक मीटर ओबीआर का नया कीर्तिमान भी स्थापित किया। यह प्रदर्शन निर्धारित लक्ष्य से 10% अधिक और पिछले वर्ष जून की तुलना में 17.3% की भारी बढ़त दर्शाता है।
पर्यावरण अनुकूल परिवहन पर जोर
एसईसीएल ने कोयले के पर्यावरण अनुकूल परिवहन के लिए ‘फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी’ (एफएमसी) प्रणाली को मजबूती दी है। पहली तिमाही में एफएमसी के जरिए 19.58 मिलियन टन कोयले का प्रेषण किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19.7% अधिक है। साइलो लोडिंग प्रणाली के माध्यम से कंपनी धूलरहित और तेज परिवहन को प्राथमिकता दे रही है।
भूमिगत खनन में छह वर्षों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
कंपनी ने भूमिगत खदानों में भी कमाल दिखाया है। पहली तिमाही में 3.17 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ, जो पिछले छह वर्षों का सर्वश्रेष्ठ आंकड़ा है। साथ ही, विद्युत संयंत्रों को 37.79 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति कर देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने इस सफलता का श्रेय अपने कर्मियों की कड़ी मेहनत और परिचालन उत्कृष्टता को दिया है। उन्होंने कहा कि मानसून की चुनौतियों के बावजूद कंपनी निर्बाध कोयला आपूर्ति के लिए पूरी तरह तैयार है।
एसईसीएल का यह रिकॉर्ड प्रदर्शन न केवल कोल इंडिया लिमिटेड के लक्ष्यों को पूरा करने में मददगार साबित होगा, बल्कि देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।


