बिलासपुर/सीपत छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 24 घंटे के भीतर सुलझाने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आपसी विवाद और गला घोंटकर युवक की हत्या करने वाली महिला आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
- दिनांक: 29 जुलाई 2026
- मृतक: चंद्रप्रकाश पटेल (ग्राम कौड़िया)
- सूचनाकर्ता: दुर्गा प्रसाद पटेल (उम्र 56 वर्ष)
- गिरफ्तार आरोपिया: उर्वसी दास महंत उर्फ चुलबुल दास (उम्र 30 वर्ष), निवासी दर्राभाठा, थाना सीपत, जिला बिलासपुर।
कैसे खुला हत्या का राज?
दिनांक 29 जुलाई को सूचक दुर्गा प्रसाद पटेल ने थाना सीपत में मर्ग इंटीमेशन दर्ज कराया कि चंद्रप्रकाश पटेल अपने घर की बाड़ी में मृत अवस्था में पड़े हुए हैं। सूचना मिलते ही सीपत पुलिस तुरंत हरकत में आई:
- तत्काल एक्शन: पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा किया और गवाहों के बयान दर्ज किए।
- वैज्ञानिक जांच: जिला मुख्यालय बिलासपुर से ‘सीन ऑफ क्राइम’ (Crime Scene) की विशेष टीम को बुलाकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कराया गया।
- संदेही की धरपकड़: पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि मृतक का ग्राम दर्राभाठा की रहने वाली उर्वसी दास महंत उर्फ चुलबुल दास के साथ अवैध संबंध था और घटना के दिन भी वह मृतक के घर आई थी।
पूछताछ में हुआ सनसनीखेज खुलासा
पुलिस हिरासत में कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपिया चुलबुल दास ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि:
- मृतक चंद्रप्रकाश पटेल और उसके बीच पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध थे।
- घटना के दिन वह अपनी स्कूटी (क्रमांक CG 18 A 2182) से मृतक के घर गई थी।
- इस दौरान मृतक शराब के नशे में था और उसपर शक करते हुए गंदी गालियां दे रहा था।
- मना करने पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। जब मृतक ने आरोपिया का गला दबाना शुरू किया, तो गुस्से में आकर चुलबुल दास ने भी उसका गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
- वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपिया मृतक के शव को बाड़ी में ही छोड़कर फरार हो गई थी।
सीपत पुलिस की सराहनीय कार्यप्रणाली
इस पूरे मामले में सीपत पुलिस की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली की चहुंओर प्रशंसा हो रही है:
- 24 घंटे के भीतर खुलासा: बिना किसी शुरुआती सुराग के अंधे कत्ल (Blind Murder) की गुत्थी को केवल 24 घंटे के अंदर सुलझा लेना सीपत पुलिस की बेहतरीन कार्यकुशलता को दर्शाता है।
- वैज्ञानिक साक्ष्यों का उपयोग: मामले में ‘सीन ऑफ क्राइम’ टीम की मदद लेना और पेशेवर तरीके से कड़ियों को जोड़ना पुलिस की संवेदनशीलता और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर करता है।
पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर आरोपिया को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है और न्यायालय के निर्देशानुसार न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।


