बिलासपुर
—छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत कैंसर और गैर-संचारी रोगों (NCD) के विरुद्ध जागरूकता व समय पर उपचार को लेकर विशेष परामर्श शिविर आयोजित किया गया। कैंसर रोग विभाग की यह पहल मरीजों के लिए जीवनरेखा साबित हो रही है, जहां एक ही छत के नीचे जांच, परामर्श और भर्ती की सुविधा मिल रही है।
एक नजर में शिविर के आंकड़े
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विवरण |
विवरण / संख्या |
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आयोजक |
कैंसर रोग विभाग, सिम्स, बिलासपुर |
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नियत समय |
प्रत्येक शुक्रवार (सुबह 10:00 से दोपहर 02:00 बजे तक) |
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आज कुल परीक्षण |
35 मरीज |
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आईपीडी (IPD) में भर्ती |
13 मरीज (बेहतर उपचार प्रक्रिया शुरू) |
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प्रमुख उद्देश्य |
शुरुआती पहचान, परामर्श और नियमित फॉलोअप |
विशेषज्ञों की दो टूक: शुरुआती पहचान ही कैंसर से बचाव
कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रहास ध्रुव ने परामर्श के दौरान मरीजों व परिजनों को सचेत किया कि कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में पता चलना ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।
तंबाकू, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट और नशीले पदार्थों से पूरी तरह दूरी बनाएं। संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाएं। शरीर में असामान्य गांठ, लगातार दर्द, बिना कारण वजन घटना या न भरने वाला घाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
डॉ. चंद्रहास ध्रुव, एचओडी. कैंसर रोग विभाग
सिम्स अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि संस्थान का संकल्प है कि किसी भी मरीज को इलाज के अभाव में भटकना न पड़े। कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी परामर्श और सर्जरी जैसी सुविधाएं सिम्स में लगातार सुदृढ़ की जा रही हैं।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रही सक्रिय
- विशेषज्ञ चिकित्सक: डॉ. चंद्रहास ध्रुव, डॉ. हेमू टंडन, डॉ. ऋचा अग्रवाल, डॉ. शिवम सोन थालिया, डॉ. एरिक केरकेट्टा
- नर्सिंग एवं सहयोगी स्टाफ: सरिता बहादुर, उज्वला दाश एवं अन्य मेडिकल टीम।
मरीजों ने साझा किया अनुभव
शिविर में पहुंचे स्थानीय मरीजों और उनके परिजनों ने सिम्स प्रबंधन की इस पहल को राहत भरा बताया। उनका कहना था कि एक ही स्थान पर विशेषज्ञ परामर्श और तत्काल भर्ती की व्यवस्था मिलने से आर्थिक और मानसिक दोनों तरह के तनाव से मुक्ति मिली है।



