दिल्ली/बिलासपुर (मनोज वर्मा )
वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने ईसीएलजीएस 5.0 (Emergency Credit Line Guarantee Scheme 5.0) को लागू किया है। यह योजना बाहरी झटकों से जूझ रहे एमएसएमई (MSME) और व्यावसायिक उद्यमों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी प्रदान कर उनके संचालन को सुचारू बनाए रखने में मददगार साबित हो रही है।
योजना की प्रमुख बातें
- बजट और दायरा: सरकार ने इस योजना के तहत 2.55 लाख करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त ऋण प्रवाह को सुगम बनाने का लक्ष्य रखा है।
- तेजी से प्रगति: 20 अगस्त 2026 तक इस योजना के तहत 6,73,979 गारंटियां जारी की जा चुकी हैं, जिनकी कुल गारंटीशुदा राशि 2,50,024 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। जारी कुल गारंटियों में एमएसएमई की हिस्सेदारी 97.3% है।
- डिजिटल पहुंच: पात्र उद्यमी आसानी से जन समर्थ पोर्टल (jansamarth.in) के माध्यम से इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
विभिन्न क्षेत्रों को मिल रहा लाभ
- एमएसएमई के लिए राहत: पात्र सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को दिए जाने वाले ऋण पर 100% गारंटी कवरेज मिल रहा है, और इसके लिए कोई गारंटी शुल्क भी देय नहीं है।
- अतिरिक्त ऋण सहायता: वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के दौरान उच्चतम फंड-आधारित कार्यशील पूंजी बकाया के 20% तक का अतिरिक्त ऋण (अधिकतम 100 करोड़ रुपये प्रति उधारकर्ता) उपलब्ध है।
- एयरलाइंस और अन्य क्षेत्र: यह योजना अनुसूचित यात्री एयरलाइंस और पात्र गैर-एमएसएमई व्यवसायों को भी विशेष शर्तों और रियायती ब्याज दरों के साथ वित्तीय सहायता दे रही है।
देशभर में इस योजना की पहुंच बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समितियों (SLBC) के माध्यम से विशेष आउटरीच अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक उद्यमी इस वित्तीय सुरक्षा कवच का लाभ उठा सकें और देश की आर्थिक वृद्धि में अपना योगदान जारी रख सकें।



