रायपुर— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने खनिज संसाधनों को जनजातीय आजीविका से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CMDC) और इंडियन ओवरसीज बैंक के संयुक्त प्रयास से विकसित TIN (ट्राइबल इंसेंटिव्स ऑन नेचुरल रिसोर्सेज) पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार के कई दिग्गज मंत्रियों ने विशेष रूप से शिरकत की।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख मंत्रियों एवं गणमान्य अतिथि:
- श्री विष्णु देव साय (मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़) — जिनके नेतृत्व में इस डिजिटल ‘मिनरल-टू-लाइवलीहुड’ पहल की शुरुआत की गई है।
- श्री सतीश चंद्र दुबे (केंद्रीय कोयला और खान राज्यमंत्री) — जिन्होंने खनिज संसाधनों के पारदर्शी प्रबंधन और जनजातीय सशक्तिकरण की इस योजना को सराहा।
- श्री तोखन साहू (केंद्रीय शहरी आवासन राज्य मंत्री) — जिन्होंने इस अवसर पर अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
- श्री सौरभ सिंह (चेयरमैन, CMDC) — जिनकी देखरेख में इस पोर्टल को विकसित किया गया है।
पोर्टल की विशेषताएं:
- LME आधारित मूल्य निर्धारण: लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) के आधार पर टिन का मूल्य तय होगा, जिससे संग्राहकों को बाजार के अनुरूप उचित और पारदर्शी दाम मिलेंगे।
- DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर): बिक्री की पूरी राशि बिचौलियों के बिना सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंचेगी।
- पूर्णतः डिजिटल प्रक्रिया: डिजिटल रजिस्ट्रेशन, क्यूआर कोड आधारित स्मार्ट सत्यापन, एसएमएस अलर्ट और रियल टाइम मॉनिटरिंग से पूरी व्यवस्था पारदर्शी बनेगी।
- क्रय केंद्रों का विस्तार: वर्तमान में बस्तर संभाग के 6 केंद्रों (बचेली, कटेकल्याण, चिकपाल, तोंगपाल, नामा और चिंतलनार) के अलावा 3 नए केंद्र (बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा में) प्रस्तावित हैं।
इस नई व्यवस्था और मानकीकृत SOP से न केवल टिन खरीदी की प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 3.81 करोड़ रुपए के टिन अयस्क का भुगतान पाने वाले बस्तर के जनजातीय परिवारों को और अधिक गति व पारदर्शिता के साथ आर्थिक संबल मिलेगा।



