असम और पूर्वोत्तर से उत्तर प्रदेश तक फैला था तस्करी का जाल; तीन शातिर तस्कर गिरफ्तार
नई दिल्ली
मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश इकाइयों ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन ब्लैक हॉक’ को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान अधिकारियों ने 18.64 किलोग्राम कच्ची हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। इस मामले में अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
कैसे हुआ खुलासा? दो अलग-अलग जगहों पर बड़ी कार्रवाई
सीबीएन को पूर्वोत्तर क्षेत्र से उत्तर प्रदेश के रास्ते लखनऊ और आसपास के इलाकों में मादक पदार्थों की बड़ी खेप सप्लाई किए जाने की पुख्ता सूचना मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर सीबीएन की टीमों ने जाल बिछाया:
- हुंडई क्रेटा कार में गुप्त डिब्बा (लखनऊ के पास): 20-21 अगस्त की मध्यरात्रि को सुल्तानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर निगरानी के दौरान सीबीएन की स्ट्राइक टीम ने असम नंबर की एक हुंडई क्रेटा कार को रोका। शुरुआती जांच में कार खाली मिली और सवार लोगों ने खुद को बेकसूर बताया। हालांकि, जब अधिकारियों ने पूछताछ की और पाया कि वाहन ने मात्र 500 किलोमीटर की दूरी में चार बार ईंधन भरवाया था, तो उनका शक गहरा गया। ईधन टैंक की तकनीकी जांच करने पर पता चला कि टैंक के अंदर एक विशेष रूप से निर्मित गुप्त डिब्बा बनाया गया था, जिसमें 25 वाटरप्रूफ पैकेटों में 16.46 किलोग्राम कच्ची हेरोइन छिपाई गई थी। कार में सवार दोनों संदिग्धों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
- भारी वाणिज्यिक ट्रक से जब्ती (बाराबंकी के पास): एक अन्य खुफिया इनपुट के आधार पर सीबीएन की यूपी यूनिट ने सिलीगुड़ी-लखनऊ कॉरिडोर पर आ रहे एक भारी ट्रक का कई टोल प्लाजाओं तक पीछा किया और बाराबंकी के पास उसे दबोच लिया। वाहन की गहन तलाशी लेने पर ट्रक के ढांचे (चैसिस) के भीतर बने एक गुप्त कक्ष से 2.16 किलोग्राम कच्ची हेरोइन बरामद हुई। इस मामले में एक अन्य संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया।
- कुल जब्त हेरोइन: 18.64 किलोग्राम (कार से 16.48 किग्रा और ट्रक से 2.16 किग्रा)
- गिरफ्तार कुल आरोपी: 3 तस्कर
- जब्त वाहन: असम में पंजीकृत हुंडई क्रेटा और एक भारी वाणिज्यिक ट्रक
- तस्करी का तरीका: वाहनों में कृत्रिम ईंधन टैंक और गुप्त चैंबर बनाकर ड्रग्स छिपाना
- कानूनी कार्रवाई: एनडीपीएस अधिनियम, 1985 (NDPS Act) की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
मास्टरमाइंड्स की तलाश जारी
सीबीएन अधिकारियों के अनुसार, यह प्रतिबंधित खेप पूर्वोत्तर राज्यों से लाई गई थी और इसे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में खपत के लिए पहुंचाया जाना था। पूर्वोत्तर क्षेत्र के मुख्य आपूर्तिकर्ताओं और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य वितरण चैनलों का पर्दाफाश करने के लिए अब व्यापक वित्तीय और लॉजिस्टिक जांच की जा रही है।



