रायपुर:
लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में अब सुरक्षा, विश्वास और विकास का एक नया दौर शुरू हो चुका है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गत दिवस मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चेन्नई से आए पत्रकारों के दल के साथ चर्चा के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षा बलों के साहस के परिणामस्वरूप बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता हासिल हुई है।
बस्तर में बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन दुर्गम क्षेत्रों में पहले शासन की पहुंच कठिन थी, वहां अब ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि क्षेत्र में स्थायी शांति और समृद्धि की नींव रखना है। इसके साथ ही, बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपातों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देकर पर्यटन और स्थानीय स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
नई औद्योगिक नीति और निवेश की संभावनाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति (2024-30) की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के साथ खनिज और वन संपदा से समृद्ध है। नई नीति के तहत रोजगार सृजन, स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन और उन्नत क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।
- राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, फार्मास्युटिकल और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश तेजी से बढ़ रहा है।
- मजबूत अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण छत्तीसगढ़ देश-विदेश के निवेशकों के लिए एक अनुकूल गंतव्य बनता जा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रगति
नवा रायपुर और राजधानी रायपुर देश के प्रमुख एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को उच्च और तकनीकी शिक्षा के उत्कृष्ट अवसर मिल रहे हैं। इसके साथ ही, दूरस्थ और जनजातीय अंचलों तक आधुनिक चिकित्सा सेवाएं और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
इस सौजन्य भेंट के दौरान चेन्नई से आए पत्रकारों के दल ने मुख्यमंत्री को तमिलनाडु के प्रसिद्ध महाबलीपुरम मंदिर की प्रतिकृति स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की, जबकि मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा फैब की शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल और मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह उपस्थित रहे।



