रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की ‘एंटोमोलॉजी’ (कीट विज्ञान) विषय की परीक्षा का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि राज्य में परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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- जांच समिति गठित: मुख्यमंत्री के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एक पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।
- एफआईआर दर्ज: मामले में तेलीबांधा थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसमें तकनीकी सहायता के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
- परीक्षा निरस्त: प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद 20 अगस्त को आयोजित हुई इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। अब यह परीक्षा सितंबर के प्रथम सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी।
- जीरो टॉलरेंस नीति: मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि इस गड़बड़ी में शामिल दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
- भविष्य की सुरक्षा: भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए विश्वविद्यालय को प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
“विद्यार्थियों की मेहनत, उनका विश्वास और उनका भविष्य हमारे लिए सर्वोपरि है। परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है।” — श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़



