बिलासपुर | दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने एक संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय ‘पेपर गैंग’ के 6 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह बिहार के मुंगेर जिले के बरियारपुर का रहने वाला है और ट्रेनों में यात्रियों को अपना निशाना बनाता था।
क्या था पूरा मामला?
दिनांक 12 जुलाई 2026 को गाड़ी संख्या 58214 (टिटलागढ़ पैसेंजर) में सफर के दौरान रायगढ़ निवासी श्री यज्ञ नारायण सोनी अपने परिवार के साथ बिलासपुर से रायगढ़ जा रहे थे। यात्रा के दौरान उनके प्लास्टिक बॉक्स से लगभग ₹2.74 लाख मूल्य के सोने के आभूषण चोरी हो गए। इस संबंध में जीआरपी बिलासपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
सीसीटीवी और तकनीकी निगरानी से हुआ खुलासा
घटना की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ की अपराध आसूचना शाखा (CIB) और GRP ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत एक विशेष जांच अभियान चलाया।
- तकनीकी सुराग: बिलासपुर, जयरामनगर, अकलतरा, नैला और चांपा रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज को शहर के ट्रैफिक कैमरों के साथ खंगाला गया।
- गैंग की पहचान: जांच में सामने आया कि आरोपी एक स्थानीय होटल में ठहरे थे और वे बिहार के बरियारपुर (मुंगेर) के संगठित चोरी गिरोह से ताल्लुक रखते हैं।
- पुनः वारदात की थी योजना: तकनीकी निगरानी से यह भी पता चला कि यह गिरोह बिलासपुर क्षेत्र में एक बार फिर किसी बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
इसी पुख्ता सूचना के आधार पर 26 जुलाई 2026 को आरपीएफ सीआईबी और जीआरपी की संयुक्त टीम ने जाल बिछाकर छह आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- सतीश कुमार (42 वर्ष) – बरियारपुर, मुंगेर (बिहार)
- सागर (23 वर्ष) – बरियारपुर, मुंगेer (बिहार)
- पिंटू राज (38 वर्ष) – बरियारपुर, मुंगेर (बिहार)
- उदय कुमार (35 वर्ष) – बरियारपुर, मुंगेर (बिहार)
- शिंटू कुमार (29 वर्ष) – बरियारपुर, मुंगेर (बिहार)
- हिमांशु कुमार (20 वर्ष) – बरियारपुर, मुंगेर (बिहार)
फरार आरोपी:
- रणजीत कुमार मंडल (गिरोह का मुख्य सरगना)
- दीपक कुमार मंडल
आगे की कार्रवाई
प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी पहले भी रेलवे यात्रियों के साथ चोरी की कई वारदातों में संलिप्त रहे हैं। जीआरपी बिलासपुर द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है तथा फरार मुख्य सरगना की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद रेलवे में हुई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
आरपीएफ और जीआरपी की इस त्वरित और समन्वित कार्रवाई से रेल यात्रियों में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है तथा यह स्पष्ट संदेश गया है कि रेलवे परिसरों में आपराधिक गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


